तमिलनाडु चुनाव: भीषण गर्मी ने चुनाव प्रचार का बदला स्वरूप, नेता-कार्यकर्ता बरत रहे सावधानी
चेन्नई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। विधानसभा चुनाव प्रचार पर मौसम का उतना ही प्रभाव पड़ रहा है, जितना कि राजनीतिक रणनीति का। उम्मीदवार और पार्टी कार्यकर्ता भीषण गर्मी से निपटने के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव कर रहे हैं। साथ ही मतदाताओं तक पहुंचने के प्रयासों को भी जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।
तिरुचि और मदुरै जैसे जिलों में प्रचार अब दो भागों में हो रहा है। गतिविधियां सुबह जल्दी शुरू होती हैं, दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान रुकती हैं और सूर्यास्त के बाद ही फिर से शुरू होती हैं।
पहले रैलियों और घर-घर जाकर प्रचार करने का जो सिलसिला चलता था, अब वह सावधानीपूर्वक निर्धारित कार्यक्रमों में बदल गया है, जिनका उद्देश्य गर्मी से बचाव करना है।
राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। समर्थकों के बीच टोपी, स्कार्फ और पीने का पानी व्यापक रूप से वितरित किया जा रहा है जबकि नेता सार्वजनिक संवादों के दौरान लोगों से बार-बार हाइड्रेटेड रहने का आग्रह कर रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में प्रचार जारी है लेकिन गति और अवधि में स्पष्ट बदलाव किए गए हैं।
अत्यधिक गर्मी का असर अभी से स्पष्ट दिखाई दे रहा है। तंजावुर में हाल ही में एआईएडीएमके उम्मीदवार एलामाथी सुब्रमणियन प्रचार के दौरान बेहोश हो गईं, जिससे उच्च तापमान में लंबे समय तक रहने से होने वाले शारीरिक तनाव का पता चलता है। इस घटना ने सभी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया है। वरिष्ठ नेता विशेषकर अधिक उम्र वाले सबसे अधिक सतर्क हैं।
डीएमके के एक 75 वर्षीय वरिष्ठ नेता ने बताया कि उन्होंने अपने दैनिक कार्यक्रम में काफी बदलाव किया है। सुबह 7 बजे प्रचार शुरू करते हैं और दोपहर होने से पहले ही समाप्त करते हैं। वे चाय और कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों से परहेज करते हैं और हाइड्रेटेड रहने के लिए जूस का सेवन करते हैं। चुनाव व्यय नियमों के अनुसार बड़ी सभाओं में जलपान की व्यवस्था सीमित है, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं को अपना पानी और आवश्यक वस्तुएं साथ रखने की सलाह दी गई है। दोबारा दोपहर 3:30 बजे के बाद ही चुनाव प्रचार फिर से शुरू होता है, जब तापमान थोड़ा कम होने लगता है।
गर्मी की लहर से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, चुनाव प्रचार की तीव्रता में कोई कमी नहीं आई है। राजनीतिक दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आक्रामक रूप से प्रचार कर रहे हैं। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, वोटों की लड़ाई राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और भीषण गर्मी के खिलाफ धीरज की परीक्षा बनती जा रही है।
--आईएएनएस
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