अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। सीपीएम नेता वृंदा करात ने यह पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सोमवार को वृंदा करात की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पुराने फैसले पर फिर से विचार करने का कोई आधार नहीं मिला।
इससे पहले, 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों नेताओं के खिलाफ कोई भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। 29 अप्रैल के फैसले में कोर्ट ने कहा था कि 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषणों को लेकर भाजपा नेता अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है।
यह मामला वृंदा करात की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें जनवरी 2020 में सीएए-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा की ओर से दिए गए भाषणों के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।
पुलिस की ओर से शिकायत पर कार्रवाई करने से इनकार करने के बाद वृंदा करात ने ट्रायल कोर्ट का रुख किया, जिसने इस आधार पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया कि इसके लिए पूर्व मंजूरी की जरूरत थी। इस फैसले को वृंदा करात ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस नजरिए को सही ठहराया, जिसके बाद वृंदा करात ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने अप्रैल के फैसले में पूर्व मंजूरी की जरूरत के संबंध में कानूनी स्थिति को स्पष्ट किया, लेकिन उसने एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद सीपीएम नेता वृंदा करात ने 29 अप्रैल के फैसले की सही-गलत होने पर सवाल उठाते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसे अब शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया है।
--आईएएनएस
डीसीएच/