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विरोध प्रदर्शनों के बीच संजय राउत का बड़ा दावा, मार्च-अप्रैल तक गिर जाएगी सरकार

 

पुणे, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत ने शनिवार को भविष्यवाणी की कि केंद्र सरकार छह महीने के भीतर गिर जाएगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल और नाकाबंदी का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने चल रहे प्रदर्शनों को जन विद्रोह बताते हुए दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने अंतिम दिनों में है और अगले साल मार्च-अप्रैल तक गिर जाएगी।

पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि केंद्र सरकार युवा नागरिकों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से डरी हुई है। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके शनिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

राउत ने देश में बड़े राजनीतिक उथल-पुथल की भविष्यवाणी करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार का पतन निकट है। उन्होंने कहा, "यह सरकार टिक नहीं पाएगी। मार्च और अप्रैल के बीच मोदी सरकार का अंत हो जाएगा और एक नई सरकार बनेगी।"

नेतृत्व पर निशाना साधते हुए राउत ने दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के मशहूर कथन का हवाला देते हुए एक कठोर शब्द का प्रयोग किया और कहा कि एक "तिलचट्टा" भी सरकार को शक्तिहीन बना सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नेता मजबूत राजनेता नहीं, बल्कि केवल व्यापारी हैं और व्यापारी जल्दी घबरा जाते हैं।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली को प्रभावी रूप से जम्मू-कश्मीर में बदल दिया है, जहां लगभग 15,000 वाहन शहर के बाहर फंसे हुए हैं और प्रदर्शनकारियों को राजधानी पहुंचने से रोकने के लिए ट्रेनों को रोक दिया गया है।

केंद्र सरकार पर ब्रिटिश काल की याद दिलाने वाली चरम दमनकारी रणनीति अपनाने का आरोप लगाते हुए राउत ने सवाल किया कि सरकार दिल्ली को सील क्यों कर रही है और युवाओं को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने से क्यों रोक रही है।

राउत ने पूछा, "ब्रिटिश शासनकाल में भी इतने बड़े पैमाने पर नाकाबंदी नहीं देखी गई थी। हजारों वाहन चारों ओर फंसे हुए हैं। आप किस कानून के तहत प्रदर्शनकारी युवाओं को देशद्रोही और राष्ट्रविरोधी करार दे रहे हैं?"

उन्होंने दिल्ली पुलिस से केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अवैध आदेशों का पालन न करने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मतदाता हेरफेर और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग पर निर्भर है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी