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3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती लागत के लगाए जाएंगे : सीएम रेखा गुप्ता

 

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उर्जा क्षेत्र में बदलाव की दिशा में एक कदम उठाते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने मंगलवार को फैसला किया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 400 यूनिट तक औसत खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती लागत के लगाए जाएंगे।

दिल्ली में घरों तक सोलर पावर पहुंचाने के लिए 'दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी' में दूसरे संशोधन की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ग्राहकों को इसे लगवाने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।

केंद्र सरकार से मिलने वाली 78,000 रुपए की सब्सिडी के अलावा, दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपए की कैपिटल सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, दिल्ली सरकार अतिरिक्त टॉप-अप के जरिए सब्सिडी और सोलर प्लांट की टेंडर वाली लागत के बीच के अंतर को भी कवर करेगी।

उन्होंने कहा कि अहम बात यह है कि 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को सोलर सिस्टम लगवाने के बाद न सिर्फ सब्सिडी का फायदा मिलता रहेगा, बल्कि वे बचाई गई बिजली के बदले एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव भी कमा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के विजन को और मजबूत करते हुए, सरकार ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे आम घरों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना आसान हो जाएगा और उन पर बहुत कम या कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी दिल्ली के लोगों को न सिर्फ बिजली इस्तेमाल करने, बल्कि उसे पैदा करने में भी सक्षम बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023' में दूसरे संशोधन की जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि पहले सोलर सिस्टम लगवाने के लिए ग्राहकों को शुरू में ही पेमेंट करना पड़ता था, जबकि इंसेंटिव बाद के सालों में मिलते थे। नई पॉलिसी इस व्यवस्था को बदलती है और शुरुआती चरण में ही आर्थिक मदद को प्राथमिकता देती है ताकि ग्राहकों को शुरुआत में आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।

सरकार द्वारा लगाए गए सिस्टम का संचालन और रखरखाव भी संबंधित वेंडर द्वारा अनिवार्य रूप से पांच साल तक किया जाएगा।

इसके बाद, डिस्कॉम के जरिए ग्राहकों के पास सोलर इंस्टॉलेशन के रखरखाव को 25 साल के पूरे जीवनकाल तक जारी रखने का विकल्प होगा। इससे ग्राहकों को सोलर सिस्टम के रखरखाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि योग्य ग्राहकों को मासिक बिजली बिलों पर नेट मीटरिंग का फायदा भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। इसका मतलब है कि योग्य ग्राहक बिजली सब्सिडी के साथ-साथ अपनी छतों पर लगे सोलर सिस्टम से होने वाली बचत का भी फायदा उठा सकेंगे। 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगभग 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। अगर कोई परिवार 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल करता है तो वह बची हुई बिजली को ग्रिड में भेजकर फायदा भी उठा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह ग्राहक न सिर्फ मुफ्त बिजली का इस्तेमाल करेंगे, बल्कि इसके उत्पादन में भी शामिल होंगे और इस प्रक्रिया में कमाई भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रिड को भेजी गई बिजली का पेमेंट डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) की औसत बिजली खरीद लागत के आधार पर किया जाएगा।

200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले योग्य ग्राहकों को मौजूदा 100 प्रतिशत बिजली सब्सिडी मिलती रहेगी। इसके अलावा, पॉलिसी में योग्य ग्राहकों के लिए सोलर पावर से ऊर्जा बचाने पर प्रोत्साहन का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम को सप्लाई की गई अतिरिक्त सोलर पावर के लिए भी लागू दर पर पेमेंट किया जाएगा।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी