महाराष्ट्र: रोहित पवार ने अजित पवार के प्लेन क्रैश हादसे की जांच में मामले को दबाने का आरोप लगाया
पुणे, 28 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई दुखद मौत के सात महीने पूरे होने पर, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मामले को जानबूझकर दबाने का आरोप लगाया और वादा किया कि अगले सप्ताह सबूतों के साथ इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पर्दाफाश करेंगे।
28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट रनवे पर लैंडिंग के दौरान वीएसआर एविएशन का एक विमान क्रैश हो गया था और उसमें आग लग गई, जिसमें अजित पवार की मौत हो गई थी। सात महीने बाद, रोहित पवार ने जांच की धीमी गति की आलोचना की और प्रशासन द्वारा सघन जांच करने में दिखाई जा रही हिचकिचाहट पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर कर्जत-जामखेड़ के विधायक ने इस मामले से जुड़ी प्रक्रियात्मक और कानूनी देरी का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा, "अजितदादा के निधन को सात महीने बीत चुके हैं, फिर भी राज्य सीआईडी की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है और न ही मामला सीबीआई को सौंपा गया है। एक सामान्य एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई है, और कर्नाटक में दर्ज एफआईआर को भी महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसफर नहीं किया है।"
उन्होंने आगे कहा, "वीएसआर एविएशन को बचाने के लिए इतनी बेताब कोशिशें कौन कर रहा है और क्यों? मैं 4 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूतों के साथ सब कुछ उजागर करूंगा।"
यह पहली बार नहीं है जब रोहित पवार ने वीएसआर एविएशन के कामकाज और राज्य से मिलने वाले भुगतान से उसके संबंधों पर चिंता जताई है। इससे पहले उन्होंने साल की पहली तिमाही में इस प्राइवेट एविएशन कंपनी को आवंटित फंड में अचानक हुई बढ़ोतरी की ओर इशारा किया था।
उन्होंने दावा किया, "जनवरी और मार्च के बीच तीन महीने की अवधि में वीएसआर एविएशन को कुल 145 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। खुलासों से पता चलता है कि क्रैश से एक दिन पहले 15.72 करोड़ रुपए, घटना के दिन 9.81 करोड़ रुपए और अगले दिन 16.86 करोड़ रुपए जारी किए गए।"
जबकि ऐसी सेवाओं के लिए मासिक बिलिंग औसतन 10 करोड़ रुपए होती थी, रोहित पवार ने इस अवधि के दौरान करोड़ों रुपए के आवंटन में अचानक हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाए।
बार-बार गड़बड़ी की आशंका जताए जाने और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) या राज्य सीआईडी टीम से उच्च-स्तरीय जांच की मांग के बीच, पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक पर्यवेक्षक 4 सितंबर को होने वाली उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, जिसमें उन्होंने खुलासे करने का वादा किया है।
--आईएएनएस
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