सरकार की विफलता के कारण ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि: हर्षवर्धन सपकाल
मुंबई, 28 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को दावा किया कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि और कमी पूरी तरह से सरकार की विफलताओं का परिणाम है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ईंधन संकट इसलिए पैदा हुआ है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने 'आत्मनिर्भरता' के वादे से लोगों को गुमराह करते हुए अर्थव्यवस्था की आपराधिक रूप से उपेक्षा की।
उन्होंने कहा, "ठोस नीति के अभाव में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। ईंधन की कमी के स्पष्ट संकेत होने के बावजूद प्रधानमंत्री पांच राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे और अब देश की जनता को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।"
सपकाल ने आगे कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से, मोदी सरकार ने लगातार ईंधन की कीमतें बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा, "सरकारी तेल कंपनियों के साथ-साथ निजी तेल कंपनियों ने भी इन बढ़ोतरी से भारी मुनाफा कमाया है। अगर सरकार ने तेल खरीद के लिए आरक्षित निधि बनाई होती तो इस स्थिति से बचा जा सकता था, लेकिन इसके बजाय उसने कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी, जो कि घोर भ्रष्टाचार है। ईंधन और गैस की कमी ने होटलों, रेस्तरां, छोटे व्यवसायों और यहां तक कि घरों में खाना पकाने को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकार की नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।"
प्याज के मुद्दे पर सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के लगभग आधे सदस्यों ने दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, लेकिन महाराष्ट्र को बैठक से कोई ठोस लाभ नहीं मिला।
उन्होंने आगे कहा, "सरकार 1,500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदने की बात कर रही है, लेकिन किसान 3,000 रुपए प्रति क्विंटल की कीमत की मांग कर रहे हैं, साथ ही एनएएफईडी के माध्यम से खरीद की मांग कर रहे हैं और यह भी कि किसानों के पास मौजूद प्याज के पूरे स्टॉक को खरीदा जाना चाहिए।"
सपकाल ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में नासिक का दौरा किया था और सत्ता में आने पर किसानों को 2,400 रुपए प्रति क्विंटल का आश्वासन दिया था।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस समय भी इसी तरह के वादे किए थे, लेकिन अब वे केवल 1,500 रुपए प्रति क्विंटल की बात कर रहे हैं, जो किसानों के साथ धोखा है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की मांगें नहीं मानती है तो कांग्रेस नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की साजिश देश में दंगे भड़काने और 2029 में फिर से सत्ता में आने की है। उन्होंने कहा कि बकरीद के आसपास बनाया गया माहौल उस एजेंडे की महज एक झलक है। उनके अनुसार, भाजपा जानबूझकर हर त्योहार और उत्सव में हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को घसीटती है ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ा जा सके। दूसरी ओर, उन्होंने बताया कि बकरीद के मुद्दे पर भाजपा के रुख के कारण लाखों पशुपालक किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।
--आईएएनएस
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