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अमेरिकी टैरिफ हटने से भारत का निर्यात बढ़ेगा और नौकरियों के अधिक अवसर पैदा होंगे : इंडस्ट्री

 

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ हटाने के फैसले का भारत में इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने स्वागत करते हुए शनिवार को कहा कि इस कदम से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार संबंध मजबूत होंगे और साथ ही रोजगार के अवसरों में इजाफा होगा।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के गुजरात राज्य के अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने कहा कि उद्योग ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित कर रद्द कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हालांकि ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक समझौते के बाद हीरे पर आयात शुल्क घटाकर शून्य कर दिया था, लेकिन हीरे के आभूषण और संबंधित क्षेत्रों को अभी भी लगभग 18 प्रतिशत के उच्च शुल्क का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इस फैसले से इस सेगमेंट पर शुल्क कम होगा।

पच्चीगर के मुताबिक, अमेरिकी कोर्ट का फैसला पूरे भारत के रत्न और आभूषण सेक्टर के लिए अच्छा है।

पच्चीगर ने कहा,"अगर टैरिफ पूरी तरह से वापस ले लिए जाते हैं और यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है। इससे भारतीय निर्यात बढ़ेगा और उद्योग को एक मजबूत प्रोत्साहन मिलेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि निर्यात में वृद्धि से रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी, विशेषकर उन छोटे कारीगरों और शिल्पकारों के लिए जो अपनी आजीविका के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।

पच्चीगर ने आगे कहा कि हालांकि अदालत ने अपना आदेश पारित कर दिया है, लेकिन यह देखना बाकी है कि अमेरिकी सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वह कोई नया हलफनामा दाखिल करती है या आगे कोई कानूनी कदम उठाती है।

गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश गांधी ने भी इस घटनाक्रम को सकारात्मक बताया।

उन्होंने कहा कि अगर भारत पर टैरिफ घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाता है, तो इससे कई उद्योगों के लिए विकास के अवसर पैदा होंगे।

गांधी ने आईएएनएस को बताया, “कम टैरिफ से भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और कपड़ा, व्यापार और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को गति मिलेगी।”

कपड़ा और व्यापार क्षेत्रों के व्यापार प्रतिनिधियों ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देते कहा कि सभी देशों में एक समान 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे।

उनका मानना ​​है कि इस कदम से व्यापार प्रवाह में सुधार होगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अमेरिकी बाजार में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

--आईएएनएस

एबीएस/