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रेजीनगर उपचुनाव में यू-टर्न, ममता गुट के उम्मीदवार ने नामांकन वापस लेने का फैसला बदला

 

कोलकाता, 19 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले काफी गहमागहमी देखने को मिली। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने चुनाव से हटने का अपना पहले का फैसला वापस ले लिया है।

इससे पहले रबीउल आलम चौधरी ने मीडिया को बताया था कि वह अपना नामांकन वापस लेने का इरादा रखते हैं। उन्होंने इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की अनिच्छा और प्रशासनिक दबाव का हवाला दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि यह फैसला ममता बनर्जी से बातचीत के बाद लिया गया था।

हालांकि कुछ ही घंटों में राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया, जब चौधरी ने घोषणा की कि वह पार्टी नेतृत्व की अपील के बाद चुनावी मैदान में बने रहेंगे।

रबीउल आलम चौधरी ने मीडिया से कहा कि इस यू-टर्न की सिर्फ एक ही वजह है, हमारी नेता ममता बनर्जी ने हमें चुनाव लड़ने का निर्देश दिया है। हम ममता बनर्जी के सिपाही हैं, इसलिए हम चुनाव लड़ेंगे।

मुर्शिदाबाद से तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य अबू ताहिर खान ने रेजीनगर में उम्मीदवार उतारने के फैसले की आलोचना की। खान ने ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा कुछ लोगों ने गुमराह किया है। इस बार भी उन्हें गुमराह किया गया।

रेजीनगर उपचुनाव और पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होना है और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।

इस तरह की स्थिति नंदीग्राम उपचुनाव में ममता के गुट की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान द्वारा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद अपना नामांकन वापस लेने के एक दिन बाद हुआ है। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की।

दरअसल एजेयूपी नेता हुमायूं कबीर ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में रेजीनगर और नाओडा दो सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद विधायक हुमायूं कबीर ने नाओडा को अपने पास रखने का फैसला किया। इसके बाद रेजीनगर सीट खाली हो गई थी।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी