×

जयपुर मेयर चुनाव: सुनीता मेथी और दशरथ अटल के नामांकन वापस, कोठारी और मावर के बीच सीधा मुकाबला

 

जयपुर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। जयपुर नगर निगम महापौर चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। कांग्रेस पार्षद सुनीता मेथी और दशरथ अटल ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं, जिसके बाद मुकाबला सीधे भाजपा उम्मीदवार सुनील कोठारी और कांग्रेस उम्मीदवार सुनीता मावर के बीच होगा।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार दोपहर 3 बजे समाप्त हो गई। जयपुर नगर निगम में 150 पार्षद हैं- 78 भाजपा से, 57 कांग्रेस से और 15 निर्दलीय। महापौर का चुनाव 25 सितंबर को होगा।

इस बीच, राजस्थान के कई नगर निकायों में उप महापौर और उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान शुरू हो गया है। महापौर और अध्यक्ष पदों के चुनाव संपन्न होने के बाद पार्षद उप महापौर और उपाध्यक्षों के चुनाव के लिए मतदान कर रहे हैं।

जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों में महापौर और उपाध्यक्ष के चुनाव 25 सितंबर को निर्धारित हैं। जयपुर महापौर चुनाव में अब भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच सीधा मुकाबला होगा।

सुनीता मावर और दशरथ अटल ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। दोनों ने पहले सहायक उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था।

जयपुर नगर निगम के 150 पार्षदों के लिए 25 सितंबर को मतदान होगा। 150 सदस्यीय निगम में बहुमत हासिल करने के लिए उम्मीदवार को 76 वोटों की आवश्यकता होती है। इसलिए 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका चुनाव परिणाम निर्धारित करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। सिरोही नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव के बाद भाजपा के भीतर क्रॉस-वोटिंग की संभावना पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार पूजा माली को पांच वोट मिले, जबकि परिषद में भाजपा के 10 पार्षद हैं। इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि कुछ भाजपा पार्षदों ने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया होगा। चुनाव से पहले पांच भाजपा पार्षदों के बारे में खबर आई थी कि उन्होंने सरनेश्वर महादेव मंदिर जाकर पार्टी उम्मीदवार को समर्थन देने का वादा किया था।

परिणाम आने के बाद मतदान का पैटर्न राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि चुनाव गुप्त मतदान के माध्यम से संपन्न हुआ और किसी भी पार्षद द्वारा क्रॉस-वोटिंग की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा की उर्मिला सैनी दौसा जिले के महवा नगरपालिका की उपाध्यक्ष निर्विरोध चुनी गई हैं। कांग्रेस उम्मीदवार रामबाबू सैनी ने समय सीमा से पहले अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे उर्मिला सैनी ही एकमात्र उम्मीदवार रह गईं। बाद में उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

इससे पहले विनीत बंसल भी नगरपालिका के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए थे। भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्विरोध चुनाव का जश्न मनाया। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पूनम शेखावत हनुमानगढ़ जिले की तिब्बी नगरपालिका की उपाध्यक्ष चुनी गई हैं।

इस पद के लिए दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन एक ने समय सीमा से पहले अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद पूनम शेखावत को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके चुनाव का जश्न मनाया।

एक दिन पहले कांग्रेस के देवी लाल चार वोटों के अंतर से नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए थे। कांग्रेस समर्थित पार्षद साहिल सिंह महेचा द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद जैसलमेर नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला दो उम्मीदवारों तक सीमित हो गया है।

शेष उम्मीदवार भाजपा समर्थित मधुबाला देवीसिंह चौहान और कांग्रेस समर्थित प्रेमलता चौहान हैं। ये दोनों उम्मीदवार देवरानी-जेठानी हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर यह राजनीतिक मुकाबला उल्लेखनीय हो गया है।

जैसलमेर नगर परिषद में 45 पार्षद हैं, जिनमें 25 भाजपा, 16 कांग्रेस और चार निर्दलीय। मतदान दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक निर्धारित है, जिसके बाद मतगणना होगी। अजमेर जिले के किशनगढ़ नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के लिए स्वामी विवेकानंद हॉल में मतदान जारी है। मतदान रिटर्निंग ऑफिसर अनिल कुमार चौधरी की देखरेख में हो रहा है।

भाजपा उम्मीदवार मनेंद्र सिंह खंगारोत और कांग्रेस उम्मीदवार इस पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान और मतगणना की प्रगति के साथ-साथ आगे की जानकारी दी जाएगी। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही जयपुर मेयर चुनाव अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है।

भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर ही अब चुनाव मैदान में बचे दो उम्मीदवार हैं। 150 पार्षदों के लिए 25 सितंबर को मतदान होगा, जिसके बाद मतगणना शुरू होगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि मेयर चुनाव में 15 निर्दलीय पार्षद किस तरह वोट देते हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी