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राजस्थान: सीएम भजनलाल शर्मा लेंगे पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा, करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का निरीक्षण

 

जयपुर, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा का दौरा करेंगे। वे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी की निर्धारित यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे और तैयारियों का जायजा लेंगे।

सीएमओ के अधिकारियों ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोपहर में पचपदरा रिफाइनरी पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करेंगे। वे दोपहर से 2 बजे तक परियोजना की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा स्थल, हेलीपैड सुविधाओं और अन्य प्रमुख तैयारियों का मूल्यांकन करेंगे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ रहेंगे।

पिछले दो महीनों में प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान का यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले, 28 फरवरी को उन्होंने अजमेर का दौरा किया था, जहां उन्होंने कायड़ विश्रामस्थली से 16,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे।

पचपदरा रिफाइनरी की आधारशिला 22 सितंबर 2013 को सोनिया गांधी ने राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान रखी थी, जिसकी शुरुआती अनुमानित लागत 37,230 करोड़ रुपए थी। सरकार बदलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 16 जनवरी, 2018 को इस परियोजना को फिर से शुरू किया। इसकी लागत को संशोधित करके 43,129 करोड़ रुपए कर दिया गया।

यह परियोजना, जिसे मूल रूप से 31 अक्तूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जून 2023 तक इसकी लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार में 24 जुलाई 2025 को परियोजना की लागत को फिर से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपए कर दिया गया। यह रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम है।

पचपदरा रिफाइनरी को देश की सबसे आधुनिक सुविधाओं में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो बीएस-6 ईंधन मानकों के अनुरूप है। इसमें एक रिफाइनरी और एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, दोनों शामिल हैं। इसकी एक मुख्य खासियत इसका 'जीरो लिक्विड एफ्लुएंट डिस्चार्ज' सिस्टम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि रिफाइनिंग प्रोसेस के दौरान कोई भी लिक्विड कचरा बाहर न निकले। यह पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की होगी, साथ ही पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता दो मिलियन टन होगी।

कच्चे तेल की कुल जरूरत में से, 7.5 मिलियन टन खाड़ी देशों से इंपोर्ट किया जाएगा, जबकि लगभग 1.5 मिलियन टन घरेलू स्रोतों से लिया जाएगा। लगभग 80,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बने प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर रोजगार और इस इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

डीसीएच/