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पीएम मोदी ने राजनीति को सत्ता के साधन से जनसेवा का माध्यम बनाया: सीएम भजनलाल शर्मा

 

जयपुर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित किया।

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसरोवर स्थित वीटी रोड के मेला ग्राउंड में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' और 'सेवा ज्योति यात्रा' कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़कर उनका संबोधन सुना।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के अपने संकल्प को दोहराते हुए 'हम करेंगे' का नारा दिया।

सीएम भजनलाल शर्मा ने भी इस संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसेवा के क्षेत्र में लगातार 25 वर्ष पूरे किए हैं।

उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक, गौरवशाली और प्रेरणादायक' उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस अवसर पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रमों ने देश को नई ऊर्जा और नए संकल्प से भर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ढाई दशक का सार्वजनिक जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, कठोर परिश्रम और समाज के सबसे वंचित वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने के संकल्प को समर्पित रहा है।

मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीति को सत्ता प्राप्ति के साधन से जनसेवा के माध्यम में बदलकर इसकी नई परिभाषा गढ़ी है।

उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का नाम वादों को पूरा करने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का पर्याय बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "अनुच्छेद 370 हटाने से लेकर राम मंदिर निर्माण तक, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अटूट संकल्प के बल पर राष्ट्रीय हित में कई ऐतिहासिक कार्य संभव किए हैं।"

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन, नेतृत्व और सहयोग में राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य को कई ऐसी बड़ी परियोजनाएं मिल रही हैं, जिनका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से 17 जिलों के लोगों को पेयजल मिलेगा, उद्योगों के लिए पानी उपलब्ध होगा और 4 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 29 जून को यमुना जल से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितंबर को राजस्थान सहित छह राज्यों के बीच किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए समझौता हुआ, जिससे शेखावाटी क्षेत्र में पूरे वर्ष जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा जल समझौता भी हुआ, जिससे नदी के पानी को लेकर दशकों पुराना विवाद सुलझ गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान के 52 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को अब तक नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में 33,305 करोड़ रुपए से अधिक लागत की पेयजल अवसंरचना विकसित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, उसका दिल्ली-जयपुर खंड, अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, जयपुर-किशनगढ़-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेसवे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के माध्यम से राजस्थान का सड़क नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है।

उन्होंने बताया कि जयपुर में यातायात का दबाव कम करने के लिए 11,764 करोड़ रुपए की लागत वाली जयपुर रिंग रोड नॉर्थ परियोजना केंद्र सरकार के सहयोग से पूरी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने लगभग 13,000 करोड़ रुपए की लागत वाली जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण को भी मंजूरी दे दी है।

यह परियोजना 41 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और 36 स्टेशनों के साथ विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस, कोच केयर कॉम्प्लेक्स और 83 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों के विकास जैसी परियोजनाओं के कारण राजस्थान में रेलवे अवसंरचना तेजी से विकसित हो रही है।

उन्होंने कहा कि कोटा, किशनगढ़, बाड़मेर और बीकानेर में हवाई संपर्क का भी विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जोधपुर हवाई अड्डे पर 480 करोड़ रुपए की लागत से नया टर्मिनल भवन बनाया गया है, जिससे उसकी वार्षिक यात्री क्षमता 12 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है।

उन्होंने बताया कि जयपुर और कोटा हवाई अड्डों के टर्मिनलों के विकास का काम भी जारी है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्ष नौ महीनों में राजस्थान की ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि 6,000 मेगावाट-घंटा क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में 5 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जबकि 3.37 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना के तहत 5.45 गीगावाट से अधिक क्षमता वाले नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे राजस्थान अक्षय और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन गया है।

राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 25 सितंबर 2025 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत 42,000 करोड़ रुपए है और इसकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 2,800 मेगावाट होगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी