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रेलवे ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए ‘रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना’ शुरू की

 

गुवाहाटी, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। आम जनता और रेलवे कर्मचारियों के विविध अनुभवों को जानने और उन जानकारियों का उपयोग करके रेलवे सुविधाओं में सुधार करने और हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने 'रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना' नामक एक प्रतियोगिता की घोषणा की है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिनजल किशोर शर्मा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल रेलवे सेवाओं को उन्नत करना है, बल्कि वास्तविक जीवन की यात्रा कहानियों के माध्यम से हिंदी में रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना भी है।

उन्होंने कहा कि रेल यात्रा भारतीय नागरिकों के जीवन का अभिन्न अंग है, जिनमें से कई लोग अपने जीवनकाल में अनगिनत यात्राएं ट्रेन से करते हैं।

ये यात्राएं अक्सर जीवंत और यादगार यादें छोड़ जाती हैं।

शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को रेल यात्रा के ऐसे यादगार अनुभवों को शब्दों में पिरोने और आकर्षक पुरस्कार जीतने का मौका मिलेगा।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, इस योजना में विजेताओं को प्रशस्ति पत्र के साथ नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

पहला पुरस्कार 10,000 रुपए, दूसरा 8,000 रुपए और तीसरा 6,000 रुपए है।

इसके अतिरिक्त, 4,000 रुपए के पांच सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

प्रविष्टियां हिंदी में लिखी गई मौलिक रेल यात्रा वृत्तांत होनी चाहिए।

अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रविष्टि 3,000 से 3,500 शब्दों के बीच होनी चाहिए।

पांडुलिपि को डबल-स्पेसिंग फॉर्मेट में टाइप किया जाना चाहिए और चारों ओर 1 इंच का मार्जिन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को कुल शब्द संख्या स्पष्ट रूप से बतानी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पृष्ठों पर सही क्रमांकन हो।

आवेदन जमा करते समय शुरुआत में एक अलग से भरे हुए पन्ने पर प्रतिभागी का नाम, पदनाम, आयु, कार्यालय या आवासीय पता, मातृभाषा, मोबाइल नंबर, ईमेल पता और कहानी के कुल शब्दों की संख्या जैसी आवश्यक जानकारी बड़े अक्षरों में लिखी जानी चाहिए।

शर्मा ने कहा कि केंद्र या राज्य सेवाओं के सरकारी कर्मचारी जो भाग लेना चाहते हैं, उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि उनके खिलाफ कोई सतर्कता या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं है या विचाराधीन नहीं है।

जो आवेदक सरकारी सेवा में नहीं हैं, उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है और वे किसी भी प्रकार की सजा नहीं काट रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/