राहुल-प्रियंका का एसआईआर विरोध कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों से ध्यान भटकाने की कोशिश: बोम्मई
धारवाड़, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस की कमियों से ध्यान हटाने और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को रोकने के लिए वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) का विरोध कर रहे हैं।
धारवाड़ में वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एसवी संकानूर के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बोम्मई ने दावा किया कि इन विरोध प्रदर्शनों से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आलोचना से बचने और पार्टी के अंदर संभावित असंतोष को रोकने के लिए एसआईआर का मुद्दा उठा रहे थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आकाशवाणी भवन के पास राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस अपनी कमियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही थी।
बोम्मई के मुताबिक, पार्टी संगठन से जुड़ी अंदरूनी चिंताओं को दूर करने के बजाय वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़े विवाद को एक राजनीतिक मुद्दा बना रही थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ऐसे अभियानों के जरिए पार्टी के भीतर असंतोष को रोकने की कोशिश कर रहा था।
भाजपा नेता ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े विवाद का फैसला आखिरकार तथ्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर ही होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से सुलझ जाएगा और सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेगा।
बोम्मई ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कांग्रेस की एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा थी। अपनी बात दोहराते हुए बोम्मई ने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक और कानूनी तरीकों से आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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