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एसआईआर: ‘राहुल गांधी के पास कोई डेटा नहीं, वह सिर्फ हंगामा करते हैं’, भाजपा ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप

 

बेंगलुरु, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) को लेकर देश भर के लोगों के बीच ‘भ्रम’ पैदा कर रही है और ‘अराजकता’ फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई डेटा नहीं है, वे सिर्फ हंगामा करते हैं।

बेंगलुरु में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय, जगन्नाथ भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा युवाओं, मीडिया और आम जनता तक पहुंचकर यह समझा रही है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएं कैसे काम करती हैं, जबकि कांग्रेस इसके उलट काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ चर्चा कर रही है, ताकि एसआईआर से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके।

उन्होंने कहा, “एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए भाजपा सभी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए, और लोगों को सच्चाई समझनी चाहिए कि देश की संवैधानिक संस्थाएं कैसे काम करती हैं।”

पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता के पास देश में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में कोई जानकारी या आंकड़े नहीं हैं, और उन्हें सिर्फ हंगामा खड़ा करने में दिलचस्पी है।

भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी के पास कोई डेटा नहीं है, वे सिर्फ हंगामा करते हैं। उन्हें नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है, लेकिन वे सड़कों पर उतरकर हंगामा करते हैं। साथ ही वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहस करना चाहते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में पांच-छह मिनट भी नहीं बैठते। वे बहसों में हिस्सा लेने के बजाय अक्सर सदन से बाहर आते-जाते रहते हैं। पात्रा ने कहा कि उन्होंने खुद कांग्रेस नेता के इस व्यवहार को देखा है और उन्हें सार्थक चर्चा करने की चुनौती दी।

पात्रा ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सबसे पहले अपने ही ‘इंडिया’ ब्‍लॉक के नेताओं के साथ चर्चा करनी चाहिए। आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में कांग्रेस नेता के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या उनके साथ अभी भी उनके संबंध अच्छे हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि राहुल गांधी ने केजरीवाल को अपना दोस्त बताया था, लेकिन पंजाब में 'आप' सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के बारे में राहुल गांधी की टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की थी।

पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि केजरीवाल और ममता बनर्जी उनके साथ हैं या नहीं। उनका एकमात्र काम विवाद और अराजकता पैदा करना है।"

कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के उस बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति नहीं है, पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को राज्य का दौरा करना चाहिए और इस मुद्दे पर उनसे चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि जारकीहोली ने कहा था कि भले ही अन्य राज्यों में एसआईआर को लेकर आपत्तियां हैं, लेकिन कर्नाटक में ऐसा कोई विरोध नहीं है। पात्रा ने मंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटा दिए जाने चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया, "राहुल गांधी को कर्नाटक आना चाहिए और सतीश जारकीहोली के साथ बातचीत करनी चाहिए।"

पात्रा ने दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को लेकर भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को धक्का देकर दूर कर दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवकुमार को अपमानित किया गया और उनके साथ हुए इस बर्ताव की वजह से उनकी आंखों में आंसू भी आ गए।

पात्रा ने कहा, "मैं कांग्रेस से नहीं हूं जो डीके शिवकुमार की तरफ से बोलूं, लेकिन राहुल गांधी और गांधी परिवार का अहंकार तो देखिए। शिवकुमार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए थी और बताना चाहिए था कि दिल्ली में उनके साथ कितना बुरा बर्ताव किया गया।"

कर्नाटक में हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों का जिक्र करते हुए पात्रा ने कहा कि इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल होने के बावजूद भाजपा ने जीत हासिल की।

उन्होंने 'वेस्टर्न ग्रेजुएट्स' निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में फर्जी वोटिंग के विवाद का भी जिक्र किया। इस मामले में शिल्पा बडमनवर नाम की एक महिला पर आरोप है कि उसने कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष की पत्नी बनकर फर्जी तरीके से वोट डाला। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी इन मुद्दों पर बात करें, साथ ही कर्नाटक में हाल ही में बस के किराए और दूध की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर भी चर्चा करें।

कांग्रेस पर चुनावी सूची (इलेक्टोरल रोल) को लेकर जानबूझकर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता बिना कोई सबूत दिए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं और जश्न मना रहे हैं, जबकि वे कथित तौर पर वोट चोरी होने का दावा कर रहे हैं।

उन्होंने पूछा, "अगर वोट चोरी हुए हैं तो उन्हें शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उनके बूथ-स्तरीय एजेंट क्या कर रहे थे?"

उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' श्रेणी के तहत नाम हटाना एक सामान्य प्रक्रिया थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता चाहते थे कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहें, ताकि फर्जी वोटिंग कराई जा सके।

पात्रा ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम एसआईआर के दौरान गलती से हटा दिए गए थे, वे उन्हें फिर से शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रावधान के बावजूद कांग्रेस चुनाव आयोग पर चुनावी धांधली का आरोप लगाती रही।

उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन कई लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों सहित कई अवैध प्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है।

पात्रा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ऐसे लोगों के लिए आधार कार्ड बनवाने में मदद करने और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से कांग्रेस के वोट बैंक पर असर पड़ा है।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असली भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं, न कि बांग्लादेशियों की सुरक्षा के लिए।"

पात्रा ने 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' की अध्यक्ष बताई जाने वाली नेहा बोरा की भी आलोचना की। नेहा ने कहा था कि भारत में भी मंदिरों के अंदर पुजारियों द्वारा यौन उत्पीड़न की घटनाएं हो सकती हैं, जैसा कि बांग्लादेश में हुआ था। पात्रा ने आरोप लगाया कि नेहा अब राहुल गांधी से जुड़ी हुई हैं और कांग्रेस का नया चेहरा बन गई हैं।

उन्होंने राहुल गांधी और नेहा बोरा, दोनों पर अवैध प्रवासियों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

इस आरोप पर कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों की कठपुतली बन गया है, पात्रा ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि यह संवैधानिक संस्था कैसे काम करती है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दे चुकी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हमलों से संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, "अगर कोई राजनीतिक दल किसी संवैधानिक संस्था पर हमला करने की कोशिश करता है तो दूसरे राजनीतिक दल की यह जिम्मेदारी है कि वह इसका विरोध करे। चुनाव आयोग भी एक संवैधानिक संस्था है।"

कांग्रेस के इस आरोप का जिक्र करते हुए कि देशभर में 13 करोड़ वोट चोरी हो गए हैं, पात्रा ने कहा कि भाजपा ने इस आरोप का जवाब देने के लिए जानकारी दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की जानकारी में लाई गई थी।

पात्रा ने कहा कि भाजपा धार्मिक कट्टरवाद का विरोध करती है और भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश मानती है। बांग्लादेश के घटनाक्रम को लेकर बोरा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा चुप नहीं बैठेगी, बल्कि संवैधानिक तरीकों से शांतिपूर्ण ढंग से जनता के बीच जाएगी।

उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि अगर उनके पास चुनावी धांधली का कोई सबूत है, तो वे उसे चुनाव आयोग या सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, प्रदेश महासचिव और विधायक वी. सुनील कुमार, प्रदेश महासचिव प्रीतम गौड़ा, मुख्य प्रवक्ता अश्वथ नारायण और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक धीरज मुनिराजू मौजूद थे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी