क्षेत्रीय तनाव कम करने को लेकर कतर के पीएम ने अराघची से फोन पर की बात
दोहा, 2 जून (आईएएनएस)। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। यह जानकारी कतर के विदेश मंत्रालय ने दी।
मंत्रालय ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) जारी एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों के साथ-साथ लेबनान की ताजा स्थिति पर भी बात की।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अल-थानी ने कहा कि कतर इस संकट का समाधान निकालने के लिए एक व्यापक समझौते का समर्थन करता है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे मध्यस्थता की कोशिशों में सकारात्मक तरीके से भाग लें, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता लाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता एक बुनियादी सिद्धांत है और इससे किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना या उसे दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल करना स्थिति को और गंभीर बना सकता है और क्षेत्र के देशों के महत्वपूर्ण हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।
कतर के प्रधानमंत्री ने फिर दोहराया कि क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से ही निकाला जाना चाहिए, ताकि तनाव और न बढ़े।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता को आगे बढ़ाने और खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, क्योंकि यह दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इस बीच, ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने सोमवार को इजरायल को चेतावनी दी कि वह लेबनान की राजधानी बेरूत और उसके दक्षिणी इलाके दाहियेह पर बमबारी न करे।
एक बयान में सैन्य कमान ने कहा कि अगर इजरायल अपने हमले जारी रखता है, तो उत्तरी इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में मौजूद सैन्य बस्तियों के लोगों को वहां से निकल जाना चाहिए।
बयान में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया गया कि वे बेरूत और दाहियेह पर हमले की धमकी देकर पश्चिम एशिया में अपनी 'हानिकारक गतिविधियां' जारी रखे हुए हैं।
सोमवार को ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने लेबनान में युद्धविराम के बार-बार उल्लंघन, लेबनानी नागरिकों के लगातार विस्थापन और इजरायल को मिल रहे अमेरिकी राजनीतिक तथा सैन्य समर्थन पर चिंता जताई।
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ फोन पर हुई बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की ओर से अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी न करना और इजरायल की अस्थिरता बढ़ाने वाली कार्रवाइयां कूटनीतिक प्रक्रिया के लिए चुनौती बन गई हैं। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्रीय तनाव को बातचीत और कूटनीति के जरिए हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
एवाई/एएस