सऊदी तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले की कोशिश, कतर ने की कड़ी निंदा
दोहा, 27 जुलाई (आईएएनएस)। सऊदी अरब के तेल ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन हमलों की कोशिश की कतर ने कड़ी निंंदा की। कतर ने इस हमले की कोशिश को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
कतर के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, “कतर सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में तेल ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले उन हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो इराकी क्षेत्र से छोड़े गए ड्रोन के जरिए किए गए थे। ये हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं, उसकी सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का साफ उल्लंघन हैं।”
मंत्रालय ने कहा कि कतर पूरी तरह से सऊदी अरब के साथ खड़ा है और उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और जमीन की रक्षा के लिए उठाए गए सभी वैध कदमों का समर्थन करता है।
इससे पहले दिन में, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने इराकी क्षेत्र से छोड़े गए कई ड्रोन को रोक दिया था। ये ड्रोन देश की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे।
मंत्रालय के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि सऊदी हवाई सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ घंटों में कई ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया, जो पूर्वी प्रांत और रियाद की तेल सुविधाओं पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अल-मल्की ने कहा कि ये हमले इराकी क्षेत्र से किए गए थे और इन्हें ईरान समर्थित मिलिशिया (सशस्त्र समूहों) ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा और अपने संसाधनों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और जरूरत पड़ने पर वह जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी ड्रोन हमले की निंदा की। अभी तक इराक के किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
20 मई को इराक में एक विशेष समिति बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मिलकर काम करना था। यह कदम उन ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया था, जिनके बारे में दावा किया गया था कि वे इराक से शुरू हुए थे।
इराकी प्रवक्ता सबा अल-नुमान ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री और कमांडर-इन-चीफ अली अल-जैदी की अध्यक्षता में इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बने मंत्रिपरिषद की पहली बैठक हुई। बैठक में आदेश दिया गया कि अगर यह साबित होता है कि हमले इराकी जमीन से किए गए थे, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
--आईएएनएस
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