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पंजाब में ईडी की बड़ी कार्रवाई, निलंबित डीआईजी एचएस भुल्लर गिरफ्तार, कोर्ट ने आठ दिनों की कस्टडी में भेजा

 

चंडीगढ़, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार किया और एक स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) से उनकी आठ दिन की कस्टडी हासिल की।

इसको लेकर ईडी ने सोमवार को अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने 9 अक्टूबर को भ्रष्टाचार और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत भुल्लर को गिरफ्तार किया।

बयान में आगे कहा गया कि भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उसे चंडीगढ़ की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया, जिसने उसे आठ दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया।

इससे पहले इसी मामले में ईडी ने 18 सितंबर को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कृशानू शारदा को गिरफ्तार किया था, जो भुल्लर के लिए बिचौलिए के तौर पर काम करता था।

ईडी की जांच सीबीआई, एसीबी, चंडीगढ़ द्वारा भुल्लर, कृशानू शारदा और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।

ईडी ने कहा कि जांच से पता चला है कि भुल्लर ने कथित तौर पर एक आपराधिक मामले में अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए कृशानू शारदा के जरिए 8 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।

ईडी ने कहा कि 8 लाख रुपए की मांगी गई रिश्वत में से 5 लाख रुपए कृशानू शारदा के जरिए एक आपराधिक मामले को निपटाने और शिकायतकर्ता को पुलिस के दखल के बिना अपना कारोबार जारी रखने देने के लिए दिए गए थे।

ईडी ने कहा कि सीबीआई द्वारा भुल्लर के घर पर की गई तलाशी के दौरान 7.37 करोड़ रुपए नकद और 2.32 करोड़ रुपए की कीमत के गहने बरामद किए गए। इसके अलावा, ईडी को लग्जरी घड़ियां, महंगी गाड़ियां, बैंक डिपॉजिट और बड़ी अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले।

बयान में कहा गया है कि पीएमएलए की धारा 17 के तहत ईडी की तलाशी में 8.35 लाख रुपए नकद जब्त किए गए और लगभग 1.42 करोड़ रुपए बैलेंस वाले बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए।

ईडी ने कहा कि जांच से शुरुआती तौर पर पता चला है कि भुल्लर अपराध से मिली संदिग्ध कमाई को हासिल करने, अपने पास रखने, छिपाने और इस्तेमाल करने में शामिल था।

--आईएएनएस

डीके