पंजाब बंद : परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसानों का प्रदर्शन
अमृतसर, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। नशे के बढ़ते मामलों और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ बुलाए गए पंजाब बंद के दौरान गुरुवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों और समर्थकों ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।
राज्यव्यापी बंद के आह्वान के जवाब में कई किसान यूनियनों, छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को नेशनल हाईवे-44 को जाम करने की योजना की घोषणा की।
मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बुलाए गए बंद के मद्देनजर अमृतसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। इस घटना ने व्यापक गुस्सा पैदा कर दिया है, जिसमें किसान संगठन और राजनीतिक दलों ने बंद का समर्थन किया है।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने आईएएनएस से कहा कि किसान मजदूर मोर्चा और उससे जुड़ी यूनियनें लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील करने के लिए सड़कों पर उतरी हैं।
सरवन सिंह पंधेर ने कहा, "हमें जो रिपोर्ट मिल रही है, उसके अनुसार पंजाबियों ने नशे के मुद्दे पर कारोबार बंद कर बहुत समर्थन दिखाया है और मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। गोल्डन गेट पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहां हमने भगवंत मान सरकार का पुतला फूंका। हमने मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक आधार पर इस्तीफा दें और डीजीपी पद छोड़ें।"
परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए, चाहे उनका राजनीतिक संबंध हो या नशे के कारोबार से लिंक हो।
उन्होंने कहा, "केमिस्ट की दुकान के पीछे जो भी है, चाहे वह कोई नेता हो या माफिया से कोई हो, उसकी जांच होनी चाहिए। न्याय होना चाहिए।"
राज्य सरकार के नशे के प्रति जीरो टॉलरेंस के दावे पर सवाल उठाते हुए, पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा व्यापक हो गया है। उन्होंने 10 थानों के कर्मियों की जांच के लिए 10 डॉक्टरों की टीम की भी मांग की, और दावा किया कि कुछ अधिकारी नशे में हो सकते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री मान ने बुधवार को परविंदर सिंह झोटा की हत्या में शामिल लोगों के लिए सबसे कड़ी सजा का वादा किया था। झोटा के पिता भीम सिंह ने प्रशासन की आलोचना की और 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया। इस मांग को विपक्षी दलों, किसान संगठनों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का समर्थन मिला।
सीएम मान ने दोहराया था कि उनकी सरकार नशा तस्करी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है और अवैध व्यापार में शामिल किसी को भी नहीं बख्शेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा था, "हमने चिट्टा और अन्य नशों के खिलाफ जंग छेड़ी है। जो भी शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई भी हो।"
उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की भी अपील की थी और आश्वासन दिया था कि हत्या के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों को सजा मिलेगी।
--आईएएनएस
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