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विश्व बैंक की 'अपर मिडिल इनकम' श्रेणी में पहुंचना कर्नाटक के लिए गर्व का क्षण: सीएम डीके शिवकुमार

 

बेंगलुरु, 7 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि विश्व बैंक की 'अपर मिडिल इनकम' (उच्च मध्यम आय) सीमा को पार करना राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे देश के अग्रणी राज्यों में कर्नाटक की मजबूत स्थिति और अधिक सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि यह उपलब्धि राज्य के उद्यमियों, किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं की कड़ी मेहनत, नवाचार और दृढ़ संकल्प का परिणाम है, जिन्होंने कर्नाटक की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, "यह हर कन्नड़वासी के लिए गर्व का क्षण है। हमारे उद्यमियों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं की मेहनत और नवाचार ने कर्नाटक को इस मुकाम तक पहुंचाया है।"

शिवकुमार ने कांग्रेस सरकार की पांच गारंटी योजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने समावेशी विकास को बढ़ावा देने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, "हमारी पांच गारंटी योजनाएं केवल कल्याणकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि लोगों में किया गया निवेश हैं। परिवारों की आय बढ़ाकर, आजीविका को सुरक्षित बनाकर और नए अवसर उपलब्ध कराकर हमने साबित किया है कि समावेशी विकास ही दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति की सबसे मजबूत नींव है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक ने हमेशा यह दिखाया है कि जब राज्य के लोग समृद्ध होते हैं तो अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य अधिक रोजगार और आर्थिक अवसर पैदा करना है, ताकि विकास का लाभ हर परिवार तक पहुंचे और कर्नाटक को देश का नंबर एक राज्य बनाया जा सके।

इस बीच, कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में सूखे की स्थिति का व्यापक आकलन कर रही है। जांच और सत्यापन के बाद पात्र लोगों को राहत और मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा ले रहे हैं और स्थानीय लोगों तथा जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं। अगले दो-तीन दिनों में वह बेलगावी का भी दौरा करेंगे और वहां की स्थिति की समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत पैकेज जारी करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों की स्थिति का आकलन करने के बाद कानून के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बीदर और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के अन्य हिस्सों से लोगों ने सरकार को सहायता के लिए कई ज्ञापन सौंपे हैं। जनता की समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए सरकार ने 'प्रजा सेवा विभाग' की स्थापना की है और इसके लिए अलग मंत्रालय भी बनाया है।

शिवकुमार ने भरोसा दिलाया कि लोगों की ओर से दिए गए सभी ज्ञापनों की विस्तार से जांच की जाएगी और जहां राहत या मुआवजे की आवश्यकता होगी, वहां सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ न्याय सुनिश्चित करेगी।

--आईएएनएस

डीएससी