मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
कोलकाता, 1 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हसनबाद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अंतिम मतदाता सूची से नामों को चिह्नित करके हटाए जाने को लेकर विरोध में प्रदर्शन किया।
तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात सड़क पर टायर जलाए और भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के खिलाफ नारे लगाए। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का पुतला भी जलाया।
विरोध प्रदर्शन के चलते स्थानीय लेबुखाली रोड पर लोगों का आवागमन बंद रहा और यातायात भी बाधित हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर हटा दिए गए हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया, "चुनाव आयोग ने अल्पसंख्यक बहुल बूथों को चुनकर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं। शाहपुर के बूथ नंबर 111 में लगभग 400 अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए हैं। भाजपा और चुनाव आयोग की यह साजिश किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। जैसे ही यह सूची प्रकाशित हुई, राज्य के विभिन्न हिस्सों में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन फैल गए।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि बसीरहाट उपमंडल से 16,125 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। हसनबाद में भी नामों को हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन हुआ, वह भी बसीरहाट दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बसीरहाट दक्षिण विधानसभा के अंतर्गत शाहपुर के बूथ नंबर 111 में कुल 1,065 लोगों में से 400 लोगों को अंतिम मतदाता सूची में 'हटा दिया गया' के रूप में दिखाया गया है।
शाहजहां मोरल ने बताया, "इस बूथ में लगभग 400 अल्पसंख्यकों के नाम चुनाव आयोग की ओर से प्रकाशित मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। हालांकि, 120 हिंदू मतदाताओं के नाम सूची में मौजूद हैं। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि यह अल्पसंख्यक बहुल बूथ है। हमने इसके विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया है।"
--आईएएनएस
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