साइबर अपराध से निपटने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण जरूरी: गुजरात डीजीपी
गांधीनगर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात के ‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साइबर अपराध से निपटने के लिए सक्रिय पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग पर जोर दिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के पुलिस महानिदेशक केएलएन राव ने गांधीनगर में की।
पुलिस भवन गांधीनगर में गुरुवार को आयोजित इस बैठक में साइबर सेंटर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ नए नियुक्त पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल हुए।
बैठक में बढ़ते और जटिल होते साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य की तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
साइबर अपराधों की तेजी से पहचान और रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे नए तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों को तकनीकी तैयारी और जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए भी निर्देश दिए गए।
‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के कामकाज पर एक प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें इसके संचालन के प्रमुख तरीकों को समझाया गया।
इसमें हेल्पलाइन ‘1930’ की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया, जो शिकायतों का तुरंत समाधान करने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को रोकने में मदद करती है।
समीक्षा के दौरान जांच प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई, जिसमें दर्ज एफआईआर की जांच तेजी से पूरी करने और पीड़ितों को समय पर पैसा वापस दिलाने पर जोर दिया गया।
डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल फॉरेंसिक और रियल-टाइम इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक टूल्स के इस्तेमाल पर भी विस्तार से बात की गई।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस रहा। अधिकारियों ने भौतिक सुविधाओं को मजबूत करने, मानव संसाधन बढ़ाने और पुलिसकर्मियों को नई तकनीकों से अपडेट रखने के लिए नियमित प्रशिक्षण और वर्कशॉप आयोजित करने की जरूरत बताई।
डीजीपी केएलएन राव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध से लड़ने के लिए 'प्रोएक्टिव अप्रोच' बेहद जरूरी है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग करने, अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय रखने और रियल-टाइम जानकारी साझा करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया और स्कूल, कॉलेज तथा सोशल मीडिया के जरिए विशेष अभियान चलाने की बात कही।
नए नियुक्त पुलिस इंस्पेक्टरों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों का समाधान करने के लिए प्रेरित किया गया।
डीजीपी राव ने साइबर सेंटर की टीम के काम की सराहना की और इसे साइबर अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक 'मॉडल सेंटर' के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखने को कहा।
--आईएएनएस
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