☰
×

चुनाव आयोग कार्यालय के घेराव से पहले पटना में हाई अलर्ट, आर-ब्लॉक पर रोके गए प्रदर्शनकारी

 

पटना, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीपीआई (एम), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) से जुड़े कार्यकर्ताओं के राज्य चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने की खबरों के बाद, पूरे पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

आर-ब्लॉक, जीपीओ गोलंबर, चुनाव आयोग कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के आसपास के इलाकों सहित कई प्रमुख जगहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रस्तावित रास्ते पर पुलिस बल की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए जीपीओ गोलंबर से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आर-ब्लॉक पर रोक दिया, जहां उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे।

सुरक्षा इंतजामों के तहत, मौके पर वॉटर कैनन गाड़ियां भी तैनात की गई हैं। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

यह प्रस्तावित प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है, जब विपक्षी दल और अन्य संगठन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की है और बिहार, पश्चिम बंगाल तथा देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को फिर से शामिल करने की मांग की है।

सीपीआई (एम) और उससे जुड़े युवा व छात्र संगठनों ने कथित अनियमितताओं के विरोध में चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालने का प्रयास किया।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में झंडे थे, साथ ही ऐसे प्लेकार्ड भी थे जिन पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लिखे थे। वे भारत के चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और दिल्ली में छात्र समूहों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में नारे लगा रहे थे।

आर-ब्लॉक पर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, प्रदर्शनकारियों की आगे की रणनीति क्या होगी, यह स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी में किसी की गिरफ्तारी, झड़प या यातायात बाधित होने के बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम