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जम्मू : रियासी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान में मौजूद पांच आतंकी हैंडलर्स की संपत्तियां जब्त

 

जम्मू, 30 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को रियासी जिले में पाकिस्तान में बैठे पांच आतंकी आकाओं की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई आतंकवाद को समर्थन देने वाले वित्तीय ढांचे को खत्म करने की कोशिशों के तहत की गई।

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई महोर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 70/2024 की जांच के दौरान हुई। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

यूएपीए के तहत, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वह अधिकृत अधिकारी हैं जिन्हें आतंकवाद से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश देने का अधिकार है। कानून में आतंकी फंडिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली संपत्तियों को फ्रीज करने, जब्त करने और अटैच करने का प्रावधान है।

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत फंड और वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करने, जब्त करने या अटैच करने का अधिकार 2008 में धारा 51ए जोड़कर दिया गया था, जबकि आतंकवाद से जुड़ी कमाई वाली संपत्तियों की जांच, जब्ती और अटैचमेंट के अधिकार को 2004 और 2019 में संशोधनों के माध्यम से चैप्टर 4 के तहत बढ़ाया गया था।

एक बयान में कहा गया, "आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए, रियासी पुलिस ने महोर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 70/2024 की जांच के दौरान पाकिस्तान में रहने वाले पांच आतंकी हैंडलर्स की अचल संपत्तियों को अटैच किया है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।"

पुलिस के बयान के अनुसार, अटैचमेंट की कार्रवाई महोर की एसडीपीओ पारुल भारद्वाज के नेतृत्व वाली टीम ने महोर पुलिस स्टेशन के एसएचओ के साथ मिलकर, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में की।

अटैच की गई संपत्तियों में उन पांच लोगों की जमीन शामिल है जिनकी पहचान पुलिस ने पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी हैंडलर्स के तौर पर की है। इनमें शाजरू के अलाफ दीन, शाजरू के गुलाम मोहम्मद उर्फ ​​गामा, चकरास (मुलास) के मोहम्मद अशरफ, चकरास (जामसलान) के शब्बीर अहमद और सिलधार के बिहार दीन शामिल हैं। अटैच की गई कुल जमीन महोर इलाके में कई कनाल और मरला में फैली है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम