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भारतीय कंपनियों से ज्यादा निवेश चाहता है पोलैंड, यूरोपीय बाजार तक पहुंच का दिया न्‍योता

 

मिल्वौकी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पोलैंड चाहता है कि भारतीय कंपनियां उसके क्लीन एनर्जी, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) और इंडस्ट्रियल सेक्टर में ज्यादा निवेश करें। पोलैंड खुद को उन भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप में एक अहम ठिकाने के तौर पर भी पेश कर रहा है, जो बड़े यूरोपीय संघ (ईयू) के बाजार तक पहुंच बनाना चाहती हैं।

पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने यह बात जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से अलग आईएएनएस को दिए गए एक खास इंटरव्यू में कही।

उन्होंने यूरोप में अपना कारोबार बढ़ाने की इच्छुक भारतीय कंपनियों को सीधे तौर पर पोलैंड में निवेश करने का न्योता दिया।

जब पूछा गया कि पोलैंड किन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों से ज्यादा निवेश चाहता है, तो डोमान्स्की ने कहा क‍ि निश्चित रूप से क्लीन एनर्जी में बदलाव का क्षेत्र, आईटी सेक्टर और कुछ ऐसे औद्योगिक क्षेत्र, जिनमें भारत मजबूत है। पोलैंड की पेशकश सिर्फ कुछ खास क्षेत्रों में निवेश तक सीमित नहीं है।

उनके मुताबिक, पोलैंड के यूरोपीय संघ का सदस्य होने की वजह से भारतीय कंपनियां वहां अपना कारोबार स्थापित करके यूरोप के बड़े बाजार तक पहुंच बना सकती हैं। हमारा मानना है कि यूरोप में भारतीय निवेश के लिए पोलैंड एक बहुत अच्छा हब बन सकता है।

उन्होंने कहा क‍ि हम यूरोपीय संघ के सदस्य हैं। इसलिए पोलैंड में निवेश करके भारतीय कंपनियों को यूरोपीय संघ के बाजार तक पहुंच मिलती है।

उनकी इन बातों से संकेत मिलता है कि पोलैंड भारत के साथ दोनों तरफ से निवेश बढ़ाना चाहता है। वारसॉ अपने पारंपरिक बाजारों के अलावा नए आर्थिक साझेदारों की भी तलाश कर रहा है।

डोमान्स्की ने कहा कि यूरोप के दूसरे देशों के मुकाबले पोलैंड की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इस साल देश की जीडीपी ग्रोथ 3.5 से 3.6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।

उन्होंने कहा क‍ि पोलैंड यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। वास्तव में, इस साल और शायद अगले साल भी यह यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।

डोमान्स्की ने कहा कि अच्छी आर्थिक वृद्धि के बावजूद पोलैंड लगातार नए व्यापारिक साझेदार तलाश रहा है।

उन्होंने कहा, "हम लगातार नए और अहम व्यापारिक साझेदारों की तलाश कर रहे हैं। भारत विशाल और एशिया का एक प्रमुख देश है। हम भारत के साथ ज्यादा करीबी व्यापारिक रिश्ते बनाना चाहते हैं।"

पोलैंड के मंत्री ने कहा कि वारसॉ भारत के साथ लंबे समय तक चलने वाले और स्थिर आर्थिक रिश्ते बनाना चाहता है। हम भारत को एक ग्लोबल लीडर के तौर पर देखते हैं। हम भारत को बहुत महत्वाकांक्षी लोगों का देश मानते हैं, बिल्कुल पोलैंड के लोगों की तरह। हम भारत जैसे साझेदारों के साथ मजबूत और स्थिर व्यापारिक रिश्ते बनाना चाहते हैं।

पोलैंड 27 देशों वाले यूरोपीय संघ और उसके सिंगल मार्केट का हिस्सा है। भारत और ईयू भी अपने आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे में यूरोप के साथ अपना कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रही भारतीय कंपनियों के लिए पोलैंड एक अहम बाजार और कारोबारी ठिकाने की भूमिका निभाना चाहता है।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम