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पीएम मोदी के सांस्कृतिक लोकतंत्र ने वैश्विक स्तर पर भारत का प्रभाव बढ़ाया है: बसवराज बोम्मई

 

हुबली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रवाद, 'राष्ट्र प्रथम' (नेशन फर्स्ट) के सिद्धांत और सांस्कृतिक लोकतंत्र पर आधारित शासन के कारण वैश्विक मंच पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

बसवराज बोम्मई हुबली के अशोक नगर स्थित नवनीकेतन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार एसवी संकानूर के लिए प्रचार कर रहे थे।

बोम्मई ने कहा कि आज के तकनीक-प्रधान युग में जनमत तैयार करने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी कई गतिविधियों के पीछे का एजेंडा प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करना है।

बोम्मई ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उनका विजन 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत के तहत एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण करना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें, जो भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं, वे अलग-अलग तरीकों से देश के भीतर विरोध और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।

फ्रांस और स्पेन में हाल ही में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए बोम्मई ने कहा कि जो समाज मुख्य रूप से तकनीक और व्यावसायिक गतिविधियों पर केंद्रित होते हैं, वे अव्यवस्था से आसानी से उबर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, भारत इन देशों से अलग है, क्योंकि यहां गहरी सांस्कृतिक परंपराएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, "हम ऐसे लोग हैं, जो अपनी संस्कृति के अनुसार अपना जीवन जीते हैं। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप ही जीना जारी रखना चाहिए।"

बोम्मई ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक ऐसे देश के रूप में उभरा है, जो देश और विदेश, दोनों स्तरों पर विभिन्न चुनौतियों का समाधान देने में सक्षम है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आज के तकनीक-प्रधान युग में, ज्ञान में हेरफेर करने और तकनीक का दुरुपयोग करके दुनिया पर अपना प्रभाव जमाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले के समय में लोग बिना जमीन पर कब्जा किए भी दुनिया पर राज कर सकते थे, लेकिन आज कुछ लोग ज्ञान पर नियंत्रण हासिल करके और तकनीकी क्षमताओं को तोड़-मरोड़ कर दुनिया को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

बोम्मई ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तकनीकी अभियान और सोशल मीडिया के जरिए हमले किए गए, जिनका मकसद चुनावों को प्रभावित करना था।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में विकास की गति काफी धीमी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया, "राज्य पर कर्ज बढ़ गया है, खजाना खाली है और भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।"

इसके अलावा, बोम्मई ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह शिक्षकों की चिंताओं को दूर करने में विफल रही है, और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों तथा सरकारी कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की चारों सीटों पर जीत सरकार को एक कड़ा संदेश देगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के हित में काम नहीं कर रही है।

बोम्मई ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से 2028 में कर्नाटक में भाजपा फिर से सत्ता में आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों पर राज्य सरकार का भारी दबाव है। उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे हिम्मत बनाए रखें और अपने विवेक के अनुसार फैसले लें।

उन्होंने कहा, "सरकारी कर्मचारियों ने 35 वर्षों तक ईमानदारी से सेवा की है। उन्हें अपने विवेक के अनुसार सही फैसले लेने चाहिए।" साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों से अपने साथियों को भी अडिग रहने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।

भाजपा उम्मीदवार एसवी संकानूर की तारीफ करते हुए बोम्मई ने कहा कि उन्होंने अपने दो कार्यकाल के दौरान अच्छा काम किया है और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जॉब फेयर (रोजगार मेले) आयोजित किए हैं। उन्होंने बताया कि संकानूर ने हर साल लगभग 2,300 लोगों को रोजगार दिलाने के प्रयासों में अहम भूमिका निभाई है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी