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छत्तीसगढ़ : कृषि, फार्मा और योग के लिए पीएम मोदी के वैश्विक दृष्टिकोण का लोगों ने किया स्वागत

 

कवर्धा, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए संबोधन पर छत्तीसगढ़ में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं, खासकर भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और फार्मास्यूटिकल्स, बैंकिंग, कानूनी सेवाओं, योग और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने पर उनके जोर को लेकर।

छत्तीसगढ़ के व्यापारी और बिजनेसमैन को पूरी उम्मीद है कि पीएम मोदी की सोच से खेती, फार्मा और दूसरे सेक्टर में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी के संबोधन का स्वागत किया।

खेती-बाड़ी से जुड़े व्यापारी भूषण सिंह ठाकुर ने भारतीय कृषि उत्पादों की ग्लोबल पहुंच बढ़ाने के प्रधानमंत्री के विजन का स्वागत किया। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर छत्तीसगढ़ के श्रीअन्न, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और जीआई-टैग वाले उत्पादों को सही पैकेजिंग और क्वालिटी स्टैंडर्ड के साथ प्रमोट किया जाए, तो उन्हें विदेशों में एक मजबूत बाजार मिल सकता है।

ठाकुर ने कहा कि कृषि निर्यात बढ़ाने पर प्रधानमंत्री का फोकस व्यापार को बढ़ावा दे सकता है और किसानों व कृषि सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए नए मौके पैदा कर सकता है।

भारत के बैंकिंग, कानूनी सेवाओं और फार्मा सेक्टर को ग्लोबल स्तर पर टॉप पर ले जाने के पीएम मोदी के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए, फार्मा व्यापारी मुकेश देवांगन ने कहा कि इन सेक्टर पर फोकस करने से निवेश बढ़ सकता है। ऐसे कदमों से नौकरियां भी पैदा हो सकती हैं और बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक खत्म करने में मदद मिलेगी।

योग शिक्षक रोहित जायसवाल ने योग और आयुर्वेद को भारत की 'सॉफ्ट पावर' बताने के प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद बहुत महत्वपूर्ण हैं और देश की पारंपरिक वेलनेस प्रणालियों को ग्लोबल स्तर पर प्रमोट करने के प्रयासों की सराहना की।

जायसवाल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की सोच का पूरा समर्थन करते हैं और ग्लोबल मंच पर योग और आयुर्वेद को उजागर करने के लिए उन्हें बधाई देते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें खाद्य प्रसंस्करण पर ज्यादा ध्यान देते हुए आगे बढ़ना चाहिए। हमारे किसानों की पहुंच अब वैश्विक बाजारों तक है और एफटीए से बड़े अवसर खुल रहे हैं। हमें खेत से निर्यात बाजार तक का सफर तय करना होगा। हमारे पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों और फूलों में वैश्विक स्तर पर अपार संभावनाएं हैं और इन्हें वैश्विक ब्रांड बनना चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम