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'बनासकांठा के किसान खुद आलू को सोना बना रहे हैं', पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

 

भीलड़ी, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात के बनासकांठा जिले के किसानों ने इस क्षेत्र को आलू उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत नहीं है, जो आलू से सोना बनाने का वादा करे, क्योंकि वे अपने काम के जरिए पहले से ही ऐसा कर रहे हैं।

क्षेत्र की कृषि प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नर्मदा के पानी की उपलब्धता और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाने से बनासकांठा का कृषि परिदृश्य बदल गया है।

उन्होंने भीलड़ी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “बनासकांठा के आलू अब पूरी दुनिया में मशहूर हैं। किसी को यहां आकर यह कहने की जरूरत नहीं है कि वे आलू से सोना बना देंगे। यहां के लोग खुद कह सकते हैं कि वे पहले से ही ऐसा कर रहे हैं।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 नवंबर, 2017 को पाटन जिले में अपने भाषण में "आलू अंदर, सोना बाहर" का जिक्र किया था।

प्रधानमंत्री ने सनादर स्थित आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का भी जिक्र किया, जहां फ्रेंच फ्राइज बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा, "विस्तार से संयंत्र की क्षमता बढ़ेगी और किसानों से अधिक आलू खरीदे जा सकेंगे।"

उम्मीद है कि यह सुविधा कृषि उत्पादन को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर आलू उत्पादकों के लिए एक अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराएगी। यह विस्तार प्रधानमंत्री मोदी की बनासकांठा यात्रा के दौरान उद्घाटन की गई परियोजनाओं में से एक था।

उन्होंने बनास डेयरी सहकारी समिति की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इसका काम गुजरात से आगे बढ़कर देश के अन्य हिस्सों में सहकारी आंदोलन में योगदान दे रहा है, जिसमें उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है।

उन्होंने कहा, "डेयरी के अनुभव और सेवाओं से उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को भी लाभ हुआ है।"

प्रधानमंत्री ने सरकार के बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम का जिक्र किया, जिसके तहत टमाटर, आलू, मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोकोआ सहित फसलों के लिए 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नए बाग लगाने और मौजूदा बागों को पुनर्जीवित करने में सहायता करना है, जिसके लिए सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।

इनमें से दो क्लस्टर उत्तरी गुजरात में हैं और इनसे बनासकांठा और साबरकांठा के आलू किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ये परियोजनाएं बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों के लिए मूल्य श्रृंखला को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं, जिसके तहत खेती को प्रसंस्करण और बाजारों से जोड़ा जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से पानी और बिजली बचाने का भी आग्रह किया और याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती वर्षों में जब उन्होंने किसानों से इन संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने को कहा था, तब उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा, "नर्मदा के पानी की उपलब्धता और सूक्ष्म सिंचाई ने पहले की बाधाओं को दूर करने में मदद की है और क्षेत्र की कृषि संभावनाओं को बदल दिया है।"

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम