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पीएम मोदी ने जारी किए वाल्मीकि रामायण और वेदांत भिक्षुओं की कहानियों के कन्नड़ अनुवाद

 

मैसूर, 2 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मैसूर में रामकृष्ण आश्रम द्वारा बनाए गए स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन किया। इसी दौरान उन्होंने वाल्मीकि रामायण और 'स्टोरीज ऑफ वेदांत मंक्स' के कन्नड़ अनुवाद भी जारी किए।

प्रकाशनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन अनुवादों से भारत की कालातीत आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत कन्नड़ पाठकों, खासकर युवा पीढ़ी के करीब पहुंचेगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल से युवा अपनी मातृभाषा के जरिए देश की सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर रामकृष्ण आश्रम की अपनी यात्रा और साधुओं से बातचीत की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा, "मैसूर में श्री रामकृष्ण आश्रम गया। समाज की सेवा और हमारी युवा शक्ति को सशक्त बनाने में उनके प्रयास सराहनीय हैं।"

अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने आश्रम के साधुओं से भी बातचीत की और समाज सेवा के लिए संस्था के निरंतर काम की सराहना की। खासकर स्वामी विवेकानंद और श्री रामकृष्ण की शिक्षाओं के जरिए मूल्यों, शिक्षा और युवा सशक्तिकरण में संस्था की भूमिका की तारीफ की।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने पीएम मोदी द्वारा विवेक स्मारक के उद्घाटन का स्वागत किया। उन्होंने इसे कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक पल और स्वामी विवेकानंद की विरासत को श्रद्धांजलि बताया।

एक बयान में सूर्या ने कहा कि सांस्कृतिक नगरी मैसूर ने एक और ऐतिहासिक अवसर देखा है। पीएम मोदी ने विवेक स्मारक का उद्घाटन किया, जो 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूर यात्रा की याद में बनाया गया है।

सूर्या ने कहा कि यह अवसर कर्नाटक के लिए गर्व की बात है। यह कार्यक्रम परम पूज्य श्री गौतम आनंद जी महाराज की उपस्थिति में हुआ और रामकृष्ण आश्रम की स्थायी विरासत को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध संदेश "उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको" का जिक्र करते हुए सूर्या ने उम्मीद जताई कि यह स्मारक देश भर के लाखों युवा मन को प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा कि विवेक स्मारक सिर्फ एक स्मारक नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। इससे युवा भविष्य के भारत का निर्माण करने और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/एमएस