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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: प्रधानमंत्री मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर बदली प्रोफाइल फोटो

 

नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीर बदली है। सभी नेताओं ने अपनी प्रोफाइल में 'ऑपरेशन सिंदूर' की फोटो लगाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी शुरुआत की। उन्होंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो लगा लिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी प्रोफाइल फोटो को बदलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो लगाया। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हैं।

भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी प्रोफाइल फोटो को बदला है और 'ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो लगाया है। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार सुबह 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "एक साल पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हमारी सेनाओं ने अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया था। उन्होंने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने का दुस्साहस करने वालों को करारा जवाब दिया। पूरा राष्ट्र हमारे वीर जवानों के शौर्य को सलाम करता है।"

उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति उसके अटूट संकल्प को दर्शाया। इसने हमारी सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तत्परता और समन्वित शक्ति को भी उजागर किया। साथ ही, इसने हमारी सेनाओं के बीच बढ़ते आपसी तालमेल को भी प्रदर्शित किया और यह भी रेखांकित किया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की भारत की मुहिम ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को कितनी मजबूती प्रदान की है।

भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए थे।

यह सैन्य अभियान 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की धर्म पूछकर हत्या कर थी। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े एक संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

--आईएएनएस

डीसीएच/