पीयूष गोयल ने लंदन में लॉन्च की 45 देशों की अर्थव्यवस्थाओं का विश्लेषण करती 'केयरएज ग्लोबल' की नई रिपोर्ट लॉन्च
नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी 'केयरएज ग्लोबल' की प्रमुख रिपोर्ट 'सॉवरन रेटिंग्स: अ फ्रेश पर्स्पेक्टिव' का तीसरे संस्करण लॉन्च किया।
गोयल ने कहा, "इस तरह की रिसर्च पर आधारित रिपोर्टें देशों की आर्थिक स्थिति और बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती हैं। यह जरूरी है कि रेटिंग एजेंसियों के देशों की रेटिंग तय करने के तरीके पर खुलकर चर्चा हो।"
रिपोर्ट के इस नए संस्करण में 45 देशों की अर्थव्यवस्थाओं का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। ये देश मिलकर दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। रिपोर्ट पांच अहम आधारों पर तैयार की गई है- अर्थव्यवस्था की संरचना, सरकार की वित्तीय स्थिति, विदेशी लेन-देन की मजबूती, मौद्रिक स्थिरता और सुशासन। इसके आधार पर विकसित और उभरती हुई दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए देशों के क्रेडिट जोखिम का आकलन किया गया है।
यह रिपोर्ट वैश्विक अर्थव्यवस्था के रुझानों, सरकारी वित्तीय स्थिति, संस्थागत मजबूती और बाहरी आर्थिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता जैसी अहम बातों की जानकारी देती है। इससे निवेशकों और दूसरे हितधारकों को लगातार बदलते और अनिश्चित वैश्विक आर्थिक माहौल को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में 'केयरएज' के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ मेहुल पंड्या ने कहा, "सॉवरेन रेटिंग्स का तीसरा संस्करण देशों के जोखिम का आकलन करने के लिए हमारी पारदर्शी, गहराई से की गई रिसर्च और भविष्य पर आधारित सोच को दिखाता है। हमने पूंजी निवेश, बुनियादी ढांचे का विकास और घरेलू फंडिंग व्यवस्था की मजबूती जैसे विकास के अहम पहलुओं को खास महत्व दिया है, ताकि देशों के जोखिम का ज्यादा संतुलित और सही आकलन किया जा सके। हमारा तरीका अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है, लेकिन इसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने आने वाले खास अवसरों और चुनौतियों को भी ध्यान में रखा गया है।"
'केयरएज ग्लोबल' की सीईओ रेवती कस्तुरे ने कहा, "2026 का यह संस्करण दिखाता है कि 'केयरएज ग्लोबल' तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक रेटिंग एजेंसी के रूप में आगे बढ़ रही है। हमारी पहचान स्वतंत्र विश्लेषण, पारदर्शी कार्यप्रणाली और उभरते देशों की अर्थव्यवस्थाओं की बेहतर समझ के लिए बन रही है। इस रिपोर्ट में सरकारी वित्तीय सुधारों की चुनौतियों, बाहरी जोखिमों, संरचनात्मक सुधारों और अलग-अलग देशों की आर्थिक मजबूती जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला गया है।"
कस्तुरे ने कहा कि लंदन में इस रिपोर्ट का लॉन्च इस बात का संकेत है कि कंपनी की योजना ब्रिटेन जैसे बड़े वित्तीय केंद्रों में वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ अपने संबंध और मजबूत करने की है।
--आईएएनएस
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