विजयन ने बाढ़ की स्थिति को 'ठीक से न संभालने' के लिए सतीशन सरकार को घेरा
तिरुवनंतपुरम, 12 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बारिश और बाढ़ की स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर वीडी सतीशन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने न केवल आपदा के प्रति प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए, बल्कि उन लोगों के प्रति दिखाई गई राजनीतिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े किए जिन्होंने अपने घर और अपनों को खो दिया था।
बुधवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात स्वीकार्य नहीं है कि आपदा के बाद दुख में डूबे लोगों के घरों तक पहुंचने में मंत्रियों को 10 दिन से ज्यादा का समय लग गया।
उन्होंने तर्क दिया कि राहत और पुनर्वास के काम को सिर्फ फाइलों, सरकारी बैठकों और सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब परिवार अभी भी अपने नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हों।
हालांकि, इस आलोचना के पीछे अपनी राजनीतिक वजहें भी थीं। विजयन के लिए सत्ता में रहते हुए आपदाओं से निपटने के तरीके पर आलोचना कोई नई बात नहीं है।
जब वे मुख्यमंत्री थे, तब ओखी चक्रवात ने केरल के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। उस समय प्रभावित इलाकों के दौरे के समय को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी।
यह आलोचना इसलिए और भी तीखी थी क्योंकि लापता मछुआरों के परिवार बेचैनी से जवाब का इंतजार कर रहे थे। उस दिन, लोगों के गुस्से से बचने के लिए उन्हें एक अलग गाड़ी से लौटना पड़ा था।
बुधवार को विजयन की प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ बाढ़ और सतीशन सरकार के बारे में नहीं थी।
इस समय सुर्खियों में चल रहे मेसी मामले का जिक्र भी सवालों में आया। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई लंबी-चौड़ी सफाई नहीं दी और न ही कोई राजनीतिक तर्क दिया। बस एक छोटा सा जवाब दिया और साफ कर दिया कि मेसी मामले में कुछ भी गलत नहीं था। बाकी सब कुछ तय स्क्रिप्ट के मुताबिक हुआ।
जब उन्हें लगा कि बहुत हो गया, तो माइक बंद कर दिया गया।
जब विजयन एक दशक तक सत्ता में थे, तो वे शायद ही कभी मीडिया से मिलते थे। लेकिन सत्ता गंवाने और विपक्ष के नेता का पद संभालने के बाद, विजयन कम से कम हफ्ते में एक बार और कभी-कभी उससे भी ज्यादा बार मीडिया से जरूर मिलते हैं।
--आईएएनएस
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