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उत्तर भारत के कुछ लोग सीएम डी.के. शिवकुमार को फंसाने आए थे', सतीश जारकीहोली का दावा

 

बेंगलुरु, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली ने गुरुवार को कहा कि एक निजी एजेंसी से जुड़े उत्तर भारत के कुछ लोग मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फंसाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों को भी सावधान रहने की चेतावनी दी है। सीएम का कहना है कि भविष्य में दूसरे मंत्रियों को भी ऐसे स्टिंग ऑपरेशन का निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

पत्रकारों से बात करते हुए जारकीहोली ने कहा कि सीएम शिवकुमार ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान कथित कोशिश के बारे में जानकारी दी थी और मंत्रियों को बताया था कि उन्हें खुद निशाना बनाया गया था और कैबिनेट के दूसरे सदस्यों के खिलाफ भी ऐसी कोशिशें हो सकती हैं।

जारकीहोली ने कहा, "मुख्यमंत्री ने हमें बताया कि उत्तर भारत के कुछ लोग उन्हें फंसाने आए थे। सीएम ने कहा कि उन्होंने उन्हें फंसाने की कोशिश की थी और हमें चेतावनी दी कि वे कैबिनेट मंत्रियों से भी संपर्क कर सकते हैं। सीएम शिवकुमार ने हम सभी से सावधान रहने को कहा।"

उन्होंने कहा कि कैबिनेट मीटिंग के दौरान मंत्रियों के बीच स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर पहले ही चर्चा हो चुकी है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम पर नजर रखनी होगी।

जारकीहोली ने कहा, "जब रसगुल्ला, मद्दुर वड़ा और मुलबागल डोसा जैसे व्यंजन परोसे जाते हैं, तो सावधान रहना पड़ता है।" यह बात उन्होंने आम बातचीत के जरिए संपर्क किए जाने या फंसाए जाने की संभावना के संदर्भ में कही।

जब उनसे पूछा गया कि इस कथित घटनाक्रम के पीछे क्या हो सकता है, तो जारकीहोली ने कहा कि राजनीति में ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं और राजनीतिक नेताओं को सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, "राजनीति में ऐसी चीजें स्वाभाविक हैं। हमें बस सावधान रहने की जरूरत है। मामला हमारे हाथ में नहीं है। इस संबंध में मेरे पास सीमित जानकारी है।"

जारकीहोली ने कहा कि अभी उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि कोई निजी एजेंसी, न कि सरकारी एजेंसी, कथित तौर पर स्टिंग ऑपरेशन कर रही है और राजनीतिक नेताओं को फंसाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, "अभी जानकारी यह है कि एक निजी एजेंसी स्टिंग कर रही है और कांग्रेस नेताओं को फंसाने की कोशिश कर रही है। यह कोई सरकारी एजेंसी नहीं है। हम देखेंगे कि वे कैसे संपर्क करते हैं और क्या होता है।"

जारकीहोली के अनुसार, शिवकुमार ने मंत्रियों को बताया था कि उनके खिलाफ कथित कोशिश सिर्फ मुख्यमंत्री तक ही सीमित नहीं थी और दूसरे मंत्रियों से भी संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों को सलाह दी गई थी कि वे अपनी बातचीत में सावधान रहें ताकि निर्दोष लोग बेवजह न फंसें या उन पर आरोप न लगे।

जारकीहोली ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि भाजपा इस घटनाक्रम को अलग नजरिए से देख सकती है और उसकी अलग व्याख्या कर सकती है। उन्होंने कहा, "भाजपा इसका अलग मतलब निकालेगी। लेकिन यह मामला भ्रष्टाचार का नहीं है। पहले भी लोगों को बेवजह फंसाने की कोशिशें हुई हैं। बेगुनाह लोगों को फंसाया नहीं जाना चाहिए, न ही उन पर आरोप लगाए जाने चाहिए, और न ही उन्हें जाल में फंसाया जाना चाहिए।"

मंत्री ने कहा कि सरकार को इंतजार करना होगा और देखना होगा कि कथित स्टिंग ऑपरेशन का मामला कैसे आगे बढ़ता है और मंत्रियों या दूसरे राजनीतिक नेताओं से किस तरह संपर्क किया जाता है।

कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री शिवकुमार और कई मंत्रियों ने हाल ही में पार्टी नेताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। विपक्ष के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी दूसरे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी