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'अगला यूएन महासचिव लैटिन अमेरिका से हो', पनामा ने मांगा अमेरिका का साथ

 

वाशिंगटन, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पनामा ने संयुक्त राज्य अमेरिका से आग्रह किया है कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन में 'क्षेत्रीय रोटेशन' (बारी-बारी से अलग-अलग क्षेत्रों से चयन) सिद्धांत का समर्थन करे। पनामा का तर्क है कि जब इस साल के अंत में एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल पूरा हो जाए, तो यह पद लैटिन अमेरिका या कैरेबियन क्षेत्र के किसी उम्मीदवार को मिलना चाहिए।

दोनों सरकारों द्वारा जारी बयानों के अनुसार, पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से टेलीफोन पर बातचीत की और ये मुद्दा उठाया।

पनामा के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अगले प्रमुख चुनाव के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति की आवश्यकता है।

मुलिनो ने इस बात पर जोर दिया कि लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देश चाहते हैं कि चयन प्रक्रिया में इस अलिखित परंपरा का सम्मान किया जाए, जिसके तहत संगठन का शीर्ष नेतृत्व अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के बीच बारी-बारी से (रोटेशन के आधार पर) चुना जाता है।

उन्होंने तर्क दिया कि इस बार इस पद पर किसी ऐसे व्यक्ति को मौका मिलना चाहिए जो इस क्षेत्र से हो।

अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की कि रूबियो और मुलिनो ने महासचिव के चुनाव पर चर्चा की, लेकिन क्षेत्रीय रोटेशन के प्रस्ताव पर वाशिंगटन का क्या रुख है, इसका खुलासा नहीं किया।

यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश गुटेरेस के उत्तराधिकारी को चुनने की तैयारी कर रहे हैं। गुटेरेस का दूसरा पांच साल का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।

पनामा के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने इस बात को अहम माना कि अंतरराष्ट्रीय संगठन का नेतृत्व करने में सक्षम उम्मीदवार पर व्यापक सहमति बननी चाहिए।

मुलिनो ने विशेष रूप से लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों की आकांक्षाओं का जिक्र किया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ पदों पर अधिक प्रतिनिधित्व चाहते हैं।

किसी भी सरकार ने किसी उम्मीदवार के समर्थन या किसी साझा रुख की घोषणा नहीं की।

बातचीत में 9 अक्टूबर को आए भूकंप के बाद पनामा में चल रहे राहत और सुधार कार्यों पर भी चर्चा हुई।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रूबियो ने पुनर्निर्माण के दौरान पनामा का समर्थन करने के लिए वाशिंगटन की प्रतिबद्धता को दोहराया।

विभाग ने बताया कि भूकंप के 24 घंटे के भीतर ही अमेरिकी सहायता प्रभावित समुदायों तक पहुंच गई थी।

इस सहायता में भोजन, पानी, संचार उपकरण, लॉजिस्टिक मदद और शहरी खोज एवं बचाव (सर्च-एंड-रेस्क्यू) टीमें शामिल थीं।

मुलिनो ने मानवीय सहायता देने और संरचनात्मक नुकसान का आकलन करने के लिए अपने कर्मियों को भेजने के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया।

पनामा के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी मदद से पुनर्निर्माण कार्यों को जारी रखने में काफी सहयोग मिला है। बताया कि बातचीत में इस क्षेत्र में लोकतंत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई, हालांकि दोनों सरकारों ने किसी विशेष चिंता या पहल के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।

अमेरिकी विदेश विभाग ने इस बातचीत को वाशिंगटन और पनामा के बीच मजबूत होती साझेदारी को फिर से पुष्ट करने वाला बताया।

इस चर्चा में दो महत्वपूर्ण राजनयिक मुद्दे शामिल थे: प्राकृतिक आपदा के बाद सहयोग और संयुक्त राष्ट्र के अगले प्रमुख का चयन।

--आईएएनएस

केआर/