तमिलनाडु: 400 करोड़ की ड्रग्स जब्ती पर पलानीस्वामी का हमला, सीएम विजय से मांगा जवाब
चेन्नई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से स्पष्टीकरण मांगा है। यह मांग नागपट्टिनम जिले में ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़े जाने के मामले में टीवीके के एक पदाधिकारी के शामिल होने को लेकर की गई है।
साथ ही, उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को लेकर सत्ताधारी पार्टी की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए हैं।
एक बयान में पलानीस्वामी ने बताया कि बूबलन नाम के व्यक्ति के पास से 137 किलोग्राम प्रोसेस्ड मेथामफेटामाइन क्रिस्टल बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 400 करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने दावा किया कि बूबलन जिले में टीवीके का एक पदाधिकारी है।
इस ऑपरेशन के संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए, विपक्ष के नेता ने कहा कि हाल के वर्षों में तमिलनाडु के तटीय इलाकों में पकड़ी गई ड्रग्स की सबसे बड़ी खेपों में से यह एक है।
पलानीस्वामी ने सवाल उठाया कि उनकी पार्टी से जुड़े एक व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगने के बावजूद मुख्यमंत्री चुप क्यों रहे। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री विजय इस जब्ती और राजनीतिक संबंधों पर अपना रुख स्पष्ट करें।
एआईएडीएमके नेता ने पूर्व डीएमके पदाधिकारी जाफर सादिक के मामले का भी जिक्र किया। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान, केंद्रीय एजेंसियों ने जाफर सादिक को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस मामले में स्यूडोएफेड्रिन शामिल था, जो मेथामफेटामाइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक रसायन है।
पलानीस्वामी ने इस मामले का हवाला देते हुए सत्ताधारी पार्टियों के आचरण पर सवाल उठाया कि जब उनसे जुड़े लोगों पर नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप लगते हैं, तो वे कैसा बर्ताव करती हैं।
हाल ही में हुई जब्ती का जिक्र करते हुए, उन्होंने मेथामफेटामाइन (नशीले पदार्थ) के क्रिस्टल मिलने पर चिंता जताई और राज्य सरकार के नशा-विरोधी जागरूकता अभियानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री विजय द्वारा आयोजित एक नशा-विरोधी मैराथन का जिक्र किया और पूछा कि सरकार ऐसे अभियानों को कैसे बढ़ावा दे सकती है, जबकि सत्ताधारी पार्टी का ही एक पदाधिकारी इतने बड़े पैमाने पर पकड़े गए नशीले पदार्थों के मामले से जुड़ा हुआ है।
पलानीस्वामी की आलोचना इस बात पर केंद्रित थी कि सरकार नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जनता के बीच जो संदेश देती है, और अपनी ही पार्टी के सदस्यों से जुड़े आरोपों पर वह जैसी प्रतिक्रिया देती है-इन दोनों के बीच एक बड़ा अंतर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से, की गई जब्ती और टीवीके के साथ बूबलन के जुड़ाव, दोनों ही मामलों पर जवाब मांगा।
इस बयान ने सरकार के नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान पर विपक्ष के हमले के केंद्र में नागपट्टिनम की कार्रवाई को ला खड़ा किया है। पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री विजय से इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है।
बयान में दी गई जानकारी में मुख्यमंत्री विजय या टीवीके की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। बूबलन के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से पलानीस्वामी द्वारा जब्ती के संबंध में दिए गए बयानों पर आधारित हैं, जिसमें पार्टी से उनके कथित जुड़ाव की बात भी शामिल है।
--आईएएनएस
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