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पाकिस्तान: साउथ वजीरिस्तान में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित, सड़क पर उतरे लोग

 

इस्लामाबाद, 26 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के अपर साउथ वजीरिस्तान जिले के सरवेकी और बरवंद इलाकों में लोग मोबाइल नेटवर्क सिग्नल और इंटरनेट सेवाओं के ठीक से न काम करने से परेशान हैं। कई दिनों से दिक्कत झेल रही अवाम ने संचार सुविधाओं को बहाल करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

मंगलवार को पाकिस्तान के अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सोमवार को हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी, युवा और व्यापारी शामिल हुए। उन्होंने लंबे समय से मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद रहने पर चिंता जताई। सभी का कहना था कि इससे उनके दैनिक जीवन और जरूरी सार्वजनिक सेवाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले 10 दिनों से इलाके में मोबाइल फोन सिग्नल और इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं, जिससे लोगों को देश और विदेश में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से भी बात करने में परेशानी हो रही है, खासकर ईद-उल-अजहा से पहले।

उन्होंने शिकायत की कि इस बंदी से व्यापार, शिक्षा और आपातकालीन संचार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच नहीं मिल पा रही है, जबकि व्यापारी इंटरनेट आधारित लेन-देन नहीं कर पा रहे हैं और इससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मरीजों और आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों को भी परेशानी हो रही है क्योंकि वे अस्पतालों, रेस्क्यू सेवाओं या रिश्तेदारों से समय पर संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

डॉन ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि स्रारोगा अहमदवाम टावर, जो इस क्षेत्र में चल रहे सभी तीन मोबाइल टावरों का मुख्य लिंक है, में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं।

पिछले सप्ताह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले में बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के सब-कैंपस के छात्रों ने प्रधानमंत्री युथ लैपटॉप योजना के तहत लैपटॉप वितरण में देरी और क्षेत्र में लंबे समय से इंटरनेट बंदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र मस्तुंग के डिग्री कॉलेज के बाहर जमा हुए और राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। छात्रों ने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें कई महीनों से लैपटॉप नहीं मिले हैं और सरकार देरी कर रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उन्होंने मस्तुंग और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से इंटरनेट बंदी की भी आलोचना की और कहा कि इससे ऑनलाइन कक्षाएं, रिसर्च, असाइनमेंट और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

--आईएएनएस

केआर/