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पाकिस्तान: सरकारी अस्पताल में गंभीर लापरवाही बनी बच्चों में एचआईवी फैलने की वजह

 

इस्लामाबाद, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। एक नई जांच-पड़ताल वाली र‍िकॉर्ड‍िंग में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के एक सरकारी अस्पताल के बच्चों के वार्ड में 'गंभीर लापरवाही और गलत इलाज' का मामला सामने आया है।

2025 में तौंसा के तहसील मुख्यालय अस्पताल (टीएचक्‍यू) का नाम बच्चों में एचआईवी फैलने के एक बड़े मामले से जुड़ा था। उस समय पंजाब सरकार ने कार्रवाई की बात कही थी और मार्च में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन कुछ महीनों बाद बीबीसी की एक पड़ताल वाली र‍िकॉर्ड‍िंग में सामने आया कि बच्चों की जान अभी भी खतरे में डाली जा रही थी।

ब्रिटिश मीडिया संस्था बीबीसी की 'बीबीसी आई इन्वेस्टिगेशन' टीम ने कुछ हफ्तों तक गुप्त रूप से अस्पताल में शूटिंग की। इस जांच में कई गंभीर नियम तोड़ने की बातें सामने आईं। वीडियो में दिखा कि नर्सें मरीजों को कपड़ों के ऊपर से इंजेक्शन लगा रही थीं, गंदी सिरिंज दोबारा इस्तेमाल के लिए दी जा रही थीं, और बिना प्रशिक्षण वाले लोग खून से दूषित दवा वाली बोतल से एक के बाद एक बच्चों को इंजेक्शन लगा रहे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, छुपे कैमरे की फुटेज में और भी समस्याएं दिखीं। कर्मचारी बिना दस्ताने के मेडिकल कचरा संभाल रहे थे, सुई और सिरिंज खुले में पड़ी थीं, और ऐसे लोग बच्चों के वार्ड में काम कर रहे थे जिन्हें वहां काम करने की अनुमति नहीं थी। स्टाफ की कमी और सामान की कमी भी बड़ी समस्या बताई गई है। कई बार परिवारों से कहा जाता है कि वे खुद दवाइयां खरीदकर लाएं। दबाव में आकर स्टाफ कम सामान चलाने के लिए एक ही उपकरण या दवा कई मरीजों में इस्तेमाल करता है। ब्रिटिश प्रसारक की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह बात बताई गई।

बीबीसी के बयान के मुताबिक, नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच तौंसा में कम से कम 331 बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। जिन बच्चों के माता-पिता की भी जांच हुई, उनमें से बहुत कम यानी 20 में से एक से भी कम में एचआईवी पाया गया। सरकार की मार्च वाली कार्रवाई के बाद भी संक्रमण के मामले रुक नहीं पाए।

इसके बावजूद अस्पताल के अधिकारियों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। मौजूदा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कासिम बुजदार ने कहा कि यह फुटेज उनके कार्यकाल से पहले की हो सकती है या शायद इसे जानबूझकर तैयार किया गया हो।

पाकिस्तान के 'बिजनेस रिकॉर्डर' के अनुसार पूर्व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. तैय्यब चांदियो, जिन्हें पहले सस्पेंड किया गया था, अब उन्हें एक और सरकारी अस्पताल में फिर से नौकरी दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि उनके खिलाफ काम करने से रोकने वाली कोई कानूनी पाबंदी नहीं है।

तौंसा में अभी भी बच्चों में एचआईवी के मामले सामने आ रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार महीनों में 19 नए मामले मिले हैं। अब तक तौंसा में एचआईवी की वजह से नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी