पाकिस्तान में उद्योगों की हालत खराब, बजट से पहले टैक्स सुधारों की मांग तेज : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में बजट 2026-27 से पहले उद्योगों ने संरचनात्मक टैक्स सुधार की मांग को तेज कर दिया है और कहा है कि देश छोटी अवधि के टैक्स सुधारों पर भरोसा नहीं कर सकता। निवेशकों और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए बड़े टैक्स सुधार आवश्यक हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
बिजनेस रिकॉर्ड की रिपोर्ट में बताया गया कि प्रमुख उद्योग निकाय में से एक ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ओआईसीसीआई) ने टैक्स सुधारों को लेकर नया प्रस्ताव सरकार को दिया है। इसमें देश के टैक्स बेस को बड़ा करना और डिजिटलीकरण बढ़ाने जैसे सुधार शामिल हैं।
रिपोर्ट में बताया है कि यह मांग ऐसे समय पर उठाई गई हैं जब देश बड़े राजकोषीय दबाव, निवेश के धीमी होने और कमजोर औद्योगिक प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है।
कुछ व्यापार समूहों का तर्क है कि पिछली सरकारों ने अल्पकालिक राजस्व संग्रह को दीर्घकालिक आर्थिक पुनर्गठन से अधिक प्राथमिकता दी है, जिससे टैक्स सिस्टम की प्रमुख कमजोरियां अनसुलझी रह गई हैं।
ओआईसीसीआई द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के अनुसार, अर्थव्यवस्था के पहले से ही औपचारिक क्षेत्रों पर बार-बार अधिक कर लगाने से टैक्स वृद्धि संभव नहीं है।
इसके बजाय, चैंबर ने टैक्स बेस के विस्तार करने, अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने और टैक्सेशन को देश की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करने का आह्वान किया है।
ओआईसीसीआई 30 से अधिक देशों की 196 से अधिक विदेशी निवेशित कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनका पाकिस्तान में कुल निवेश 209 अरब डॉलर से अधिक है।
चैंबर की सदस्य कंपनियां सरकार के टैक्स आय में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
व्यापार जगत के हितधारकों ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि पाकिस्तान में क्षेत्रीय स्तर पर सबसे कमजोर आधारों में से एक है, जबकि पंजीकृत व्यवसायों को अनुपालन लागत और विनियामक बोझ में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है।
उनका तर्क है कि इस असंतुलन ने एक ऐसा वातावरण बना दिया है जहां अनौपचारिक रूप से काम करने की तुलना में कर अनुपालन अकसर नुकसानदायक साबित होता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावों में अनधिकृत आर्थिक गतिविधियों को कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान, ई-चालान, लेनदेन की ट्रेसबिलिटी और डेटा-लिंक्ड अनुपालन प्रणालियों के व्यापक उपयोग की सिफारिश की गई है।
--आईएएनएस
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