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पाकिस्तान अपनी नाकामियों का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ रहा, ये ठीक नहीं: तालिबान

 

काबुल, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। तालिबान ने पाकिस्तान पर बातचीत का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान की सरकार समाधान निकालने की बजाय प्रोपेगैंडा में जुटी है।मुजाहिद ने इस्लामाबाद के रवैये को "विफल नीति" करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान के वरिष्ठ प्रशासक वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।

मुजाहिद ने कहा कि अपनी नाकामियों का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ना किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता जबकि इस्लामाबाद के सामने मौजूद राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां "गंभीर चिंता का विषय" हैं।

मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बयान साझा किया। जिसमें लिखा गया, "पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अपनी नाकामियों के लिए अफगानिस्तान को दोष देना किसी भी परेशानी से निजात नहीं दिला सकता है। पाकिस्तान के सामने मौजूद राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां गंभीर चिंता का विषय हैं और इनका पूरे क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ता है।"

उन्होंने आगे कहा, "पाकिस्तानी प्रशासकों के बेबुनियाद आरोप, बातचीत की प्रक्रियाओं को बाधित करने की कोशिशें और समाधान खोजने के बजाय प्रचार-प्रसार पर वरिष्ठ अधिकारियों का अत्यधिक ध्यान एक विफल नीति को दर्शाता है।"

जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह अपनी घरेलू चुनौतियों से निपटने के लिए रचनात्मक कदम उठाए। साथ ही अपने राजनेताओं और लोगों के विचारों और अधिकारों का सम्मान करे।

तालिबान प्रवक्ता का यह बयान पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान की टिप्पणी का जवाब है। इस्लामाबाद की ओर से दोहराया गया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अन्य सशस्त्र समूहों के अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने हैं; यह जानकारी अफगानिस्तान के 'अमू टीवी' ने दी।

9 अक्टूबर को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान खान ने कहा था कि टीटीपी, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और अन्य समूहों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिल गए हैं। प्रसारक अमू टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान अधिकारियों के साथ आतंकवादियों के ठिकानों के बारे में जानकारी साझा की है और उनसे आग्रह किया है कि वे अफगानिस्तान स्थित चरमपंथी समूहों को पाकिस्तान में हमले करने से रोकें।

पाकिस्तान ने बार-बार तालिबान पर सशस्त्र समूहों, विशेष रूप से टीटीपी को अफगान धरती से आतंक फैलाने देने और उन्हें रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है। हालांकि तालिबान ने इसे सिरे से खारिज किया।

हाल के महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं, जिसमें बार-बार गोलीबारी और नागरिकों के हताहत होने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने कहा कि 1 अक्टूबर को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद में पाकिस्तानी हवाई हमलों में 10 लोग मारे गए और नौ अन्य घायल हो गए थे।

यूएनएएमए अकसर कहता रहा है कि सीमा-पार शत्रुता का शिकार आम लोग हो रहे हैं।

--आईएएनएस

केआर/