पेशावर में 31 मार्च को पाकिस्तान-अफगान शांति जिरगा, तनाव कम करने पर जोर
इस्लामाबाद, 29 मार्च (आईएएनएस)। खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्य सचिव अरबाब शहजाद खान ने कहा कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति जिरगा 31 मार्च को पेशावर में आयोजित किया जाएगा। इसका मकसद दोनों देशों के नेतृत्व से तनाव कम करने और शांति की दिशा में काम करने की अपील करना है।
'एस्पायर खैबर पख्तूनख्वा' के प्रमुख और 'कौमी इस्लाही तहरीक' के साथ मिलकर इस जिरगा का आयोजन कर रहे अरबाब शहजाद खान ने पेशावर प्रेस क्लब में एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस बैठक में राष्ट्रीय और राजनीतिक नेता, कबायली बुजुर्ग, धार्मिक विद्वान, सिविल सोसाइटी के सदस्य, व्यापारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही, इसमें खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान में रहने वाले अफगान नागरिक भी भाग लेंगे।
खान ने जोर देकर कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और मुद्दों को बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। यह मंच आपसी सम्मान, विश्वास निर्माण के उपायों और बातचीत के माध्यम से स्थायी शांति को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। यह मंच अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नेतृत्व से तनाव कम करने की अपील करेगा।
उन्होंने कहा कि जिरगा का उद्देश्य पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करना है। जिरगा के समापन के बाद शांति के पक्ष में एक संयुक्त घोषणा जारी की जाएगी। इसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों को भेजा जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगान अधिकारियों को पाकिस्तान के साथ बातचीत की मेज पर आने के लिए प्रोत्साहित करेगा। दोनों देशों के लोग जारी तनाव का खामियाजा भुगत रहे हैं।
अरबाब शहजाद खान ने कहा कि इस स्थिति में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रयासों की जरूरत है। उन राजनीतिक नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है, जिन्होंने पहले दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई थी।
हाल के हफ्तों में हवाई हमलों, तोपखाने की गोलाबारी और दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।
--आईएएनएस
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