पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिकी और जापानी राजदूतों ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अमेरिका के समर्थन की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह हमला बेहद क्रूर था, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को 26 निर्दोष पर्यटकों को उनकी पहचान और धर्म पूछकर आतंकियों ने गोली मार दी थी। यह हाल के वर्षों में आम नागरिकों पर हुए सबसे बर्बर हमलों में से एक माना गया।
गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पहलगाम हमले की पहली बरसी पर हम उन मासूम लोगों को याद करते हैं और उनके परिवारों के साथ दुख साझा करते हैं। अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है।”
जापान के भारत में राजदूत ओनो केइची ने भी इस हमले की निंदा की और कहा कि जापान हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है और भारत के साथ खड़ा है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “पहलगाम आतंकी हमले को एक साल हो गया है। हम उन निर्दोष लोगों को याद करते हैं। जापान आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है और भारत के साथ मिलकर शांति और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह हमला द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) नाम के संगठन ने किया था, जो पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का एक हिस्सा माना जाता है। हमलावरों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर निशाना बनाया और कुछ लोगों को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया, ताकि गैर मुसलमानों की पहचान हो सके।
मरने वालों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी राइड ऑपरेटर शामिल था, जिसने दूसरों को बचाने की कोशिश की थी। कई पीड़ित हाल ही में शादीशुदा थे और उनके परिवार के सामने ही उन्हें गोली मार दी गई।
इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई की गई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में आतंकी ढांचों को नुकसान पहुंचाया गया और भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूत संदेश दिया गया, जबकि रणनीतिक संयम भी बनाए रखा गया।
--आईएएनएस
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