मध्य प्रदेश: रीवा में बारिश से बाढ़ जैसे हालात, 700 से अधिक लोग राहत शिविरों में भेजे गए
रीवा, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रशासन ने गुरुवार को बताया कि रीवा शहर में 15 घंटे से अधिक समय तक लगातार हुई बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके बाद 700 से अधिक लोगों को आठ राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।
पिछले 24 घंटों से जारी लगातार बारिश के कारण रीवा शहर में भीषण जलभराव हो गया है, कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं और निचले इलाकों में आवागमन बाधित हो गया है। बीहर नदी के आसपास बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है, जबकि जिले के ग्रामीण इलाकों से भी बाढ़ जैसी स्थिति की सूचना मिली है।
हालांकि, गुरुवार को कम बारिश होने से लोगों को कुछ राहत मिली, जिससे शहर और अन्य क्षेत्रों में जमा पानी बह गया।
जिला प्रशासन ने गुरुवार देर रात एक बयान में कहा कि रीवा नगर निगम क्षेत्र में स्थापित आठ राहत शिविरों में बाढ़ से प्रभावित 700 से अधिक लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन ने बताया कि शिविरों में स्थानांतरित किए गए लोगों को पीने का पानी, दवाएं और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को जिला और नगर निगम के अधिकारियों के साथ तैनात किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने टीआरएस कॉलेज, सरकारी स्कूलों और अन्य स्थानों पर बने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से बातचीत कर आश्रय, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कई प्रभावित वार्डों और नगर निगम के नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया।
शुक्ला ने आईएएनएस को बताया कि बारिश और जलभराव से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उनके लिए भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने और जहां भी आवश्यक हो, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और आपदा राहत टीमों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की।
शुक्ला ने कहा कि हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन को सतर्क रहने और बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित सभी लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए कहा गया है।
--आईएएनएस
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