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अमेरिका में शी जिनपिंग की यात्रा का विरोध, तिब्बती-उइगर समेत कई समुदायों का संयुक्त प्रदर्शन

 

वॉशिंगटन, 24 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से दो हजार से ज्यादा तिब्बती गुरुवार को वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। उनके साथ उइगर, हांगकांग के लोग, ताइवान के लोग, दक्षिणी मंगोलियाई समुदाय और चीनी लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।

दिनभर चलने वाले इस विरोध प्रदर्शन में चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन, वॉशिंगटन के बीचों-बीच मार्च, अमेरिकी संसद भवन कैपिटल के पास रैली और फ्रैंकलिन पार्क में शाम को मोमबत्ती जलाकर कार्यक्रम शामिल हैं।

आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शनकारी शी जिनपिंग को 'नॉट वेलकम' का संदेश देंगे। वे राजनीतिक कैदियों, धार्मिक आजादी, दूसरे देशों में रहने वाले लोगों पर दबाव और सांस्कृतिक व भाषाई पहचान को लेकर पैदा हुए खतरों जैसे मुद्दे भी उठाएंगे।

प्रदर्शन की शुरुआत चीनी दूतावास के बाहर होगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी ड्यूपॉन्ट सर्कल से होते हुए अमेरिकी कैपिटल तक मार्च करेंगे। दोपहर में कैपिटल के पास एक साझा रैली होगी, जिसमें अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्य और प्रदर्शन में शामिल अलग-अलग समुदायों के नेता हिस्सा लेंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी फ्रैंकलिन पार्क तक मार्च करेंगे, जहां शाम को कैंडललाइट कार्यक्रम और सामुदायिक कार्यक्रम होगा।

तिब्बतियों के प्रदर्शन की अगुवाई तिब्बतन यूथ कांग्रेस और कैपिटल एरिया तिब्बतन एसोसिएशन कर रहे हैं। इन्हें इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत, स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत, तिब्बतन नेशनल कांग्रेस और दूसरे संगठनों का भी समर्थन मिला है।

कैपिटल के पास होने वाली रैली में तिब्बतन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेरिंग चोम्फेल, इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत की अध्यक्ष तेनचो ग्यात्सो और कैपिटल एरिया तिब्बतन एसोसिएशन के अध्यक्ष तेनजिन नोरबू के बोलने की उम्मीद है।

इसके अलावा उइगर, हांगकांग, दक्षिणी मंगोलियाई और चीनी लोकतंत्र समर्थक नेताओं के भी कार्यक्रम में शामिल होने की योजना है। इनमें ओमर कनात, फ्रांसेस हुई, एंगहेबाटू तोगोचोग और शेंगचुन 'सोफी' लुओ शामिल हैं।इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रयान फियोरेसी शाम के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान 11वें पंचेन लामा और तिब्बत के अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारी चीनी नेताओं और तिब्बती प्रतिनिधियों के बीच दोबारा बातचीत शुरू करने की मांग भी करेंगे।

इसके अलावा प्रदर्शनकारी उन कानूनों और नीतियों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे जबरन दूसरी संस्कृति में ढालने को बढ़ावा देते हैं और अलग सांस्कृतिक, धार्मिक तथा भाषाई पहचान को कमजोर करते हैं।

शी जिनपिंग की यात्रा से पहले इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने 30 मानवाधिकार संगठनों के एक गठबंधन के साथ मिलकर चीनी राष्ट्रपति को एक खुला पत्र भी भेजा।

इस गठबंधन ने चीन से विचारों और मान्यताओं के कारण जेल में बंद लोगों को रिहा करने, विदेशों में लोगों के खिलाफ कथित दमन को रोकने और मानवाधिकार से जुड़े अपने रिकॉर्ड में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी