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525 साल पुराने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में 3 दिवसीय दिवाली उत्सव के दौरान 10 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद

 

अगरतला, 8 नवंबर (आईएएनएस)। गोमती जिले में स्थित 525 साल पुराने ऐतिहासिक माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में तीन दिवसीय दिवाली उत्सव मनाया जाएगा। रविवार शाम को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा इस उत्सव का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन में देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में उदयपुर में स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर, देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इसे 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था, जिन्होंने 1490 से 1515 तक तत्कालीन त्रिपुरा रियासत पर शासन किया था।

स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय और गोमती जिले की जिलाधिकारी रिंकू लाथर ने बताया कि इस वार्षिक उत्सव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही, इस साल के जश्न को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष कदम उठाए गए हैं।

देबरॉय ने मीडिया को बताया कि हमें उम्मीद है कि तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में देश भर से 10 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु और आगंतुक जुटेंगे, जिनमें महिलाओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर होगी। यह पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में मनाए जाने वाले सबसे बड़े दिवाली उत्सवों में से एक है।

दिवाली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे रविवार को एक विशेष ट्रेन चलाएगा।

सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को उद्घाटन की शाम को एक शानदार ड्रोन शो मुख्य आकर्षणों में से एक होगा।

उन्होंने आगे बताया कि मंदिर परिसर के भीतर सरकारी प्रदर्शनी के स्टॉल बहुत खूबसूरती से सजाए गए हैं। इसके अलावा, त्रिपुरा की समृद्ध विरासत, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय खान-पान को दर्शाने वाले विशेष थीम-आधारित स्टॉल भी लगाए गए हैं।

अधिकारी ने यह भी बताया कि इस उत्सव का एक और मुख्य आकर्षण रेत से बनी एक विशेष कलाकृति होगी, जिसमें एक कछुए के ऊपर माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर को दर्शाया गया है। यह कलाकृति इस तीर्थस्थल की अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

इस बीच, जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2025 को पुनर्निर्मित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का उद्घाटन किया और वहां पूजा-अर्चना की।

पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की 'प्रसाद' तीर्थयात्रा का कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान) योजना के तहत, 525 साल पुराने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का 54 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है।

इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 34.43 करोड़ रुपए दिए, जबकि त्रिपुरा सरकार ने 17.61 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

--आईएएनएस

एमएस/