मार्को रुबियो ने भारत के साथ रिश्ते को बताया बेहद महत्वपूर्ण, साल के अंत में कर सकते हैं यात्रा
मनीला, 22 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों को 'बेहद महत्वपूर्ण' बताया।
रुबियो ने यह बात फिलीपींस में चल रहे 'आसियान' से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद कही। इस बैठक में अमेरिका की राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।
रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आसियान कार्यक्रम के दौरान अपने दोस्त और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलकर अच्छा लगा। हमने क्षेत्रीय सुरक्षा, क्वाड, व्यापार और रक्षा समझौतों पर चर्चा की। भारत के साथ हमारा रिश्ता बेहद महत्वपूर्ण है।"
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इस बैठक को 'बेहद उपयोगी' बताया और यह भी संकेत दिया कि मार्को रुबियो इस साल के आखिर में भारत आ सकते हैं।
गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आसियान कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एस. जयशंकर के बीच बहुत अच्छी द्विपक्षीय बैठक हुई। दरअसल, रुबियो इस साल के आखिर में फिर भारत आ सकते हैं... आगे की जानकारी का इंतजार कीजिए।"
जयशंकर ने भी अपनी मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अहम मुद्दों की समीक्षा की। साथ ही क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी बातचीत की।
उन्होंने ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मनीला में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत में व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। इनमें व्यापार और टैरिफ, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शामिल रहे। इसके अलावा क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी हमने अपने विचार साझा किए।"
इसके बाद जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के साथ क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की समृद्धि के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही आसियान और उसके सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने पर भी जोर दिया।
संयुक्त बयान में कहा गया, "आसियान के व्यापक रणनीतिक साझेदार होने के नाते अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के विदेश मंत्रियों ने आज मनीला में मुलाकात की। हमने एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आसियान की एकता तथा उसकी केंद्रीय भूमिका के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया। हम इस क्षेत्र की सफलता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और आसियान व उसके सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।"
चारों देशों ने क्षेत्र की चुनौतियों पर भी चर्चा की और इस बात पर सहमति जताई कि आसियान के इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण (एओआईपी) को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू करने के लिए मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत समुद्री और सीमा पार सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा, नई और महत्वपूर्ण तकनीकें, मानवीय सहायता और आपदा के समय राहत जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि क्वाड का मानना है कि इंडो-पैसिफिक के समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बेहद जरूरी है।
क्वाड चार देशों भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का एक समूह है। इसका उद्देश्य दुनिया के लिए सकारात्मक भूमिका निभाना और एक ऐसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देना है जो खुला, स्वतंत्र, सभी को साथ लेकर चलने वाला, समृद्ध और मजबूत हो।
--आईएएनएस
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