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इंडिया ब्लॉक की प्रस्‍तावित रैली पर कांग्रेस अध्‍यक्ष खड़गे बोले-जनता को जगाने के लिए है हमारा संघर्ष

 

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाला इंडिया ब्लॉक का विशाल विरोध प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने निरंकुश शासन के खिलाफ जनता को जगाने का बीड़ा उठाया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे की यह टिप्पणी कई व्यापार संगठनों द्वारा राहुल गांधी से विपक्ष के 'चलो दिल्ली मार्च' को पुनर्निर्धारित करने के अनुरोध के बाद आई है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक द्वारा चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर अभ्यास में मतदान चोरी और अनियमितताओं के विरोध में यह मार्च आयोजित किया जा रहा है।

खड़गे ने पत्रकारों से कहा, "मतदान चोरी और चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई गड़बड़ी के कारण हमारा विरोध जारी है। हम इसके खिलाफ विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। सभी दल हमारा समर्थन कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सरकार के कुकर्मों और कई मतदाताओं को उनके वास्तविक अधिकारों से वंचित करने के प्रयासों के खिलाफ जनता को जागरूक करने के लिए है।

उन्होंने कहा, “कल भी एक सांकेतिक संसद है और 1 नवंबर को हम एक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिसमें देशभर से लोग इकट्ठा होंगे। हम लड़ेंगे क्योंकि लोकतंत्र में जब तक आप लड़ेंगे नहीं लोग जागृत नहीं होंगे। इसीलिए हम यह सब कर रहे हैं।”

दरअसल, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के व्यापारियों ने त्योहारी मौसम में इतनी बड़ी रैली से कारोबार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर आशंका जताई है और इसे स्थगित करने की अपील की है। उन्होंने बताया है कि इससे कारोबारी माहौल खराब होगा और उनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार सुबह दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में लोगों से भाग लेने का आह्वान किया और इसे "लोकतंत्र को बचाने, कथित मतदान चोरी को रोकने और संविधान की रक्षा करने का आंदोलन" बताया।

अपने एक्‍स हैंडल पर हिंदी में पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि यह मार्च किसी विशेष पार्टी के लिए नहीं बल्कि भारत की आत्मा की रक्षा के लिए है।

कांग्रेस सांसद ने सभी राजनीतिक दलों के छात्र समूहों से भी आगे आकर इसमें भाग लेने की अपील की और दावा किया कि लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति खतरे में हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम