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महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को 5000 रुपये सहायता पर घमासान, विपक्ष ने कहा- क्रूर मजाक

 

मुंबई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार की तरफ से गंभीर कृषि संकट से जूझ रहे 305 तालुकों के किसानों को 5,000 रुपए की अग्रिम सूखा राहत राशि देने की घोषणा ने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया और किसान संगठनों में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। विपक्षी नेताओं और अखिल भारतीय किसान सभा ने इस वित्तीय सहायता को अपर्याप्त बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है और इसे 'क्रूर मजाक' तथा संकटग्रस्त कृषि समुदायों के संघर्ष का अपमान बताया है।

शिवसेना (यूबीटी) विधायक कैलाश पाटिल ने इस घोषणा की आलोचना करते हुए 5,000 रुपए की राहत राशि को गंभीर कठिनाइयों और महंगाई का सामना कर रहे किसानों का 'अपमान और उपहास' बताया।

पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और एनसीपी (एसपी) नेता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत में सभी प्रभावित किसानों को व्यापक सहायता देने का वादा किया था, लेकिन अब प्रशासनिक बहाने बनाकर इसे कम कर दिया है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 5,000 रुपए की राहत राशि संघर्षरत किसानों के घावों पर नमक छिड़कने के बराबर है।

संकट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि किसान न केवल मौजूदा नुकसान से जूझ रहे हैं, बल्कि आने वाले वर्ष में अपने अस्तित्व को लेकर भी बेहद चिंतित हैं। कई किसानों ने खेती के लिए निजी ऋणदाताओं और वित्तीय स्रोतों से भारी मात्रा में कर्ज लिया था, लेकिन फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई, जिससे उनके भंडार खाली हो गए और उन पर भारी कर्ज का बोझ आ गया।

राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए वडेट्टीवार ने पूछा कि सरकार संकटग्रस्त किसानों के लिए धन की कमी का दावा कैसे कर सकती है, जबकि साथ ही साथ आगामी कुंभ मेला और शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे जैसी विशाल परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपए आवंटित कर रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि, "कुंभ मेले के लिए धन जुटाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण किसानों का आशीर्वाद प्राप्त करना है," और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार से मांग की कि वह गैर-जरूरी उच्च-बजट परियोजनाओं को रद्द करे और किसानों के लिए पर्याप्त वित्तीय राहत की ओर धन का पुनर्निर्देशन करे।

इसी तरह की नाराजगी व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा (एकेएस) ने मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा 305 सूखा प्रभावित तहसीलों में घोषित 5,000 रुपए के अग्रिम भुगतान की कड़ी निंदा की। मुंबई में जारी एक संयुक्त बयान में, किसान सभा के प्रमुख नेताओं ने बताया कि यह मामूली रकम उर्वरक, बीज, कीटनाशक और श्रम जैसे बुनियादी उत्पादन खर्चों को भी पूरा नहीं कर पाती है।

कृषि सामग्री विक्रेताओं द्वारा पुराने ऋणों के निपटान के लिए आक्रामक दबाव के कारण, दिवाली के त्योहार से पहले किसान कर्ज के एक ऐसे दुष्चक्र में फंस गए हैं जिससे निकलना असंभव है।

--आईएएनएस

एमएस/