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मानसून सत्र में विपक्ष का सरकार पर हमला, राम मंदिर चढ़ावा, नीट पेपर लीक और महंगाई पर मांगेगा जवाब

 

नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रविवार को कहा कि वे संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार से कई अहम मुद्दों पर जवाब मांगेंगे। इनमें अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट-यूजी पेपर लीक का मामला और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के खिलाफ अस्पताल में भर्ती कराने का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जाएगा।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा, "हम निश्चित रूप से कई मुद्दे उठाएंगे। इनमें छात्रों से जुड़े मुद्दे, राम मंदिर में चोरी और बढ़ती महंगाई जैसे मामले शामिल हैं। सरकार लोगों की चिंताओं को न तो देखती है और न ही सुनती है। महंगाई बढ़ रही है। पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गई हैं लेकिन सरकार अपनी नीति के बारे में कुछ नहीं बता रही है।"

उन्होंने आगे कहा, "इथेनॉल के मुद्दे पर एक्सपर्ट्स कुछ भी समझाने में असमर्थ हैं और इसका खामियाजा कंज्यूमर्स को भुगतना पड़ रहा है।"

केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि आज देश के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं, जो सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बिलों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। विपक्ष लगातार मांग करता रहा है कि संसद में इन मुद्दों पर चर्चा हो और सरकार इनका जवाब दे।"

उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार से 'संवेदनशीलता' दिखाने को कहा। इस मामले पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा, "हम छात्रों के साथ हो रहे अन्याय और देश भर में हो रहे विभिन्न विरोध प्रदर्शनों को भी देख रहे हैं, फिर भी सरकार की ओर से कोई जवाबदेही नहीं है।"

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि वे विभिन्न विपक्षी दलों में हो रहे दलबदल की ओर भी केंद्र का ध्यान आकर्षित करेंगे।

उन्होंने आईएएनएस से ​​कहा, "मूल मुद्दा यह है कि 2024 में लोगों द्वारा दिया गया जनादेश और लोकसभा की वर्तमान संरचना बहुत अलग है। इसलिए संसद को सबसे पहले बड़े पैमाने पर हो रहे दलबदल के मुद्दे पर विचार करना चाहिए। यह दलबदल किसी वैचारिक मतभेद, नीतिगत असहमति या बुनियादी मुद्दों के कारण नहीं, बल्कि केवल अवसरवाद के कारण हुआ है।"

उन्होंने कहा, "संसद को बाकी सब कुछ छोड़कर सबसे पहले इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि इस दलबदल को कैसे रोका जाए।"

सर्वदलीय बैठक के बाद आईएएनएस से ​​बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, "हमने अपनी पार्टी की ओर से कई मुद्दे उठाए हैं और मांग की है कि सरकार इन मामलों को सदन में चर्चा के लिए लाए। हमें उम्मीद है कि सदन हमारे नोटिस पर चर्चा की अनुमति देगा।"

उन्होंने कहा, "एक अहम मुद्दा राम मंदिर के निर्माण के दौरान फंड और दान की चोरी का है। यह धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला है, जिसने सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। हमारी मांग है कि इन मामलों को सदन में लाया जाए और लोगों को इन्हें सुनने और समझने का मौका दिया जाए।"

यादव ने कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक भी एक अहम मुद्दा है, जिसमें छात्रों की आत्महत्या और सोनम वांगचुक को जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराने का मामला भी शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम हर हाल में संसद में ये मुद्दे उठाएंगे।"

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए सीपीआई-एम नेता हन्नान मोल्लाह ने इसे 'भ्रष्टाचार, घोटालों, लोकतंत्र-विरोधी गतिविधियों और लुटेरों' की सरकार बताया।

उन्होंने कहा, "ऐसे आरोप सामने आए हैं कि राम मंदिर और कई अन्य मंदिरों से पैसे लूटे जा रहे हैं, और इन मंदिरों की देखरेख आरएसएस और भाजपा के सदस्य करते हैं। ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर सरकार को जवाब देना चाहिए। मुझे नहीं पता कि वे हमेशा जवाब देने से क्यों भागते हैं।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी