ओडिशा: बीजेडी ने दो साल में 45000 नौकरियां देने के राज्य सरकार के दावे पर उठाए सवाल
भुवनेश्वर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) ने सोमवार को राज्य सरकार के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि पिछले दो वर्षों में ओडिशा में करीब 45,000 युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। बीजेडी का आरोप है कि इनमें से लगभग 39,000 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन पिछली नवीन पटनायक सरकार के कार्यकाल में ही जारी किए गए थे।
बीजेडी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा सरकार रोजगार के मामले में अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले दो वर्षों में 45,000 रिक्त सरकारी पदों पर नियुक्तियां की हैं, लेकिन यह दावा भ्रामक है।
मोहंती ने ओडिशा विधानसभा में दिए गए एक सरकारी जवाब का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों में हुई नियुक्तियों और भर्ती विज्ञापनों की तारीखों की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, कुल 45,000 नियुक्तियों में से 39,000 पदों के लिए विज्ञापन वर्ष 2020 से 2023 के बीच नवीन पटनायक सरकार द्वारा जारी किए गए थे।
उन्होंने कहा, "इसका मतलब है कि भाजपा सरकार ने केवल 6,000 नई सरकारी नियुक्तियां की हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पिछले दो वर्षों में रोजगार के क्षेत्र में किए गए वादों को सरकार पूरा नहीं कर पाई है।"
बीजेडी नेता ने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पांच वर्षों में 1.5 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। इस हिसाब से दो वर्षों में लगभग 65,000 लोगों को रोजगार मिलना चाहिए था, लेकिन सरकार केवल 6,000 नई नियुक्तियां ही कर सकी।
मोहंती ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 24 महीनों में 24 भर्ती परीक्षाएं रद्द हुई हैं, जो भर्ती प्रक्रिया को संभालने में सरकार की अक्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 तक राज्य में 94,485 सरकारी पद खाली पड़े हुए हैं। इसके अलावा भाजपा ने निजी औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा कर 3.5 लाख युवाओं को नौकरी देने का भी वादा किया था, लेकिन यह वादा भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।
बीजेडी ने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी दर बीजद सरकार के दौरान 0.9 प्रतिशत थी, जो भाजपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 3.5 प्रतिशत हो गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार संकट का समाधान करने के बजाय लोगों को गुमराह कर रही है।
--आईएएनएस
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