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बंगाल चुनाव: हुमायूं कबीर से ओवैसी के गठबंधन तोड़ने पर प्रवीण खंडेलवाल बोले- विपक्ष में घबराहट, भाजपा बना रही सरकार

 

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शुक्रवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी समेत अन्य दलों में घबराहट की स्थिति में हैं, क्योंकि मतदाता भाजपा को सत्ता में लाने के लिए तैयार हैं। खंडेलवाल ने हुमायूं कबीर के कथित स्टिंग वीडियो और एआईएमआईएम के गठबंधन तोड़ने पर भी प्रतिक्रिया दी।

प्रवीण खंडेलवाल ने ओवैसी की एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की पार्टी जेयूपी के बीच गठबंधन टूटने को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों की दिशा और स्थिति खराब है, कौन किसका मित्र हो जाए और कौन शत्रु हो जाए, ये उनके बीच में एक बड़ी विडंबना है। वे कब रिश्ता तोड़ते हैं और कब जोड़ते हैं, बस इसी काम में जुटे हैं।

खंडेलवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "असली मुद्दा यह है कि विपक्षी पार्टियां, चाहे वे कोई भी हों, घबराहट की स्थिति में हैं। यह घबराहट इसलिए है, क्योंकि पश्चिम बंगाल के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारी बहुमत से सरकार बनाने का मन बना लिया है। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है।"

उन्होंने आगे कहा, "हकीकत यह है कि बंगाल में जनता की मूलभूत समस्याओं पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के बल पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बंगाल की जनता के विश्वास को प्राप्त किया है।"

इसके साथ ही, भाजपा सांसद ने पश्चिम एशिया में लेबनान पर इजरायल के हमलों को लेकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति चिंताजनक है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में वर्तमान में भारत की स्थिति अच्छी है और दुनिया में भारत को सम्मान की नजर से देखा जाता है।

प्रवीण खंडेलवाल ने शशि थरूर के लेख को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने जटिल जियो पॉलिटिकल की स्थिति में अपने आप को स्थापित किया है और समस्या का हल निकालने में भारत की भूमिका को सभी ने सराहा है। यही बात शशि थरूर ने अपने लेख में लिखी है।"

उन्होंने असम, केरलम और पुदुचेरी में हुई बंपर वोटिंग को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। खंडेलवाल ने कहा कि ज्यादा वोटिंग होना लोकतंत्र को मजबूत करता है। जिन तीन राज्यों में गुरुवार को मतदान हुआ, वहां के वोटिंग प्रतिशत को देखकर साफ दिखाई देता है कि जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकार को लेकर सहज है।

--आईएएनएस

डीसीएच/