गुजरात में एक लाख पशुओं को मिलेगा बीमा कवर: सरकार
गांधीनगर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात में पशुपालक अब सिर्फ 229 रुपए का प्रीमियम देकर अपने पशुओं का एक साल के लिए 40,000 रुपए तक का बीमा करा सकेंगे। राज्य सरकार इस पशुधन बीमा योजना के तहत बीमा लागत का 85 प्रतिशत वहन करेगी।
इस पहल की घोषणा करते हुए प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि सरकार ने 2026-27 के दौरान पशुधन बीमा सहायता योजना के तहत एक लाख पशुओं को कवर करने का लक्ष्य रखा है।
यह योजना केंद्र सरकार के 'राष्ट्रीय पशुधन मिशन' के तहत गुजरात में लागू की जा रही है।
राज्य सरकार प्रति पशु 1,300 रुपए की बीमा प्रीमियम सहायता प्रदान करती है, जो प्रीमियम का 85 प्रतिशत है। जबकि पशुपालक शेष 229 रुपए का भुगतान करके एक वर्ष के लिए 40,000 रुपए तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकता है।
वाघानी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य पशुपालन करने वाले परिवारों को पशुओं की अचानक मृत्यु से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाना है।
इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार अधिकतम 10 बड़े पशुओं या 100 छोटे पशुओं का बीमा करा सकता है। पात्र बड़े पशुओं में गाय, भैंस, घोड़े, गधे, ऊंट, बैल, बछड़े और नर भैंस शामिल हैं।
2026-27 के लिए, केंद्र ने इस योजना के तहत गुजरात के लिए 250 लाख रुपए का आवंटन स्वीकृत किया है, जिसमें से 115 लाख रुपए पहली किस्त के रूप में जारी किए जा चुके हैं।
राज्य सरकार ने अपनी राज्य-वित्त पोषित पशुधन बीमा सहायता योजना के तहत अलग से 55 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
सरकार को अब तक आई-खेदूत पोर्टल के माध्यम से 87,147 पशुओं के बीमा कवरेज के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। वाघानी ने कहा कि पशुपालन विभाग सभी पात्र आवेदकों को बीमा योजना के दायरे में लाने की व्यवस्था कर रहा है।
पिछले वर्ष के दौरान, गुजरात में 12,228 पशुपालकों के 48,695 पशुओं का इस योजना के तहत बीमा किया गया था।
पशुपालकों से समय रहते अपने पात्र पशुओं का बीमा कराने की अपील करते हुए वाघानी ने कहा कि पशुधन की सुरक्षा ही पशुपालक के परिवार की वास्तविक आर्थिक सुरक्षा है।
उन्होंने किसानों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने पशुओं के पहचान टैग को सुरक्षित रखें और पंजीकरण के दौरान सटीक जानकारी प्रदान करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।
--आईएएनएस
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